केरल में निपाह वायरस का खतरा: इस इडुक्की गांव में पेड़ों पर फल नहीं, सिर्फ चमगादड़ लगते हैं!
Nipah virus Kerala: केरल में इन दिनों निपाह वायरस का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। केरल में निपाह वायरस से दो लोगों की अब तक मौत हो चुकी है और छह लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। केरल के इडुक्की जिले के उडुंबनचोला तालुक के करुणापुरम गांव में 15 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले पेड़ों पर कोई फल नहीं लगते बल्कि फ्रूट बैट्स यानी चमगादड़ आते हैं।
इडुक्की जिले के चेट्टुपारा गांव में भी कई पेड़ों पर हद से ज्यादा चमगादड़ रहते हैं, जिसकी वजह से वहां के गांव वाले दहशत में हैं। निवासियों का कहना है कि चमगादड़ आमतौर पर थूकुपालम से छोट्टुपारा क्षेत्र के करुणापुरम पंचायत के पहले, दूसरे और तीसरे वार्ड के खेत के पेड़ों पर कम संख्या में इकट्ठा होते थे लेकिन इस साल जुलाई से उनकी संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है और अब कई हजारों तक पहुंच गई है।

इलाके में लोग दहशत में, डर से नहीं खाता कोई भी फल
कोझिकोड में निपाह वायरस के मामले आने के बाद इडुक्की जिले के कई गांव वाले परेशान हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय निवासियों का कहना है कि,चमगादड़ों ने पौधों की उपज खाकर यहां कॉफी और इलायची के बागानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है और डर के कारण इस क्षेत्र में कोई भी पेड़ों पर उगने वाले फल नहीं खाता है।
खुले में रखे पानी को पीने से किया गया मना
निपाह की दहशत के बाद पंचायत के स्वास्थ्य अधिकारियों और वन अधिकारियों ने गुरुवार को इलाके में निरीक्षण किया। करुणापुरम पंचायत के अध्यक्ष मिनी प्रिंस ने कहा, नगर निकाय जल्द ही निवासियों के लिए खुले टैंकों और जल निकायों के पानी का सावधानीपूर्वक उपयोग करने के बारे में जागरूकता अभियान आयोजित करेंगे। अधिकारियों को लगता है कि खुले टैंकों और जल निकायों के पानी में चमगादड़ों का मल हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि निवासियों को सलाह दी गई है कि वे चमगादड़ों द्वारा काटे गए किसी भी फल को न खाएं। कुमिली वन रेंज अधिकारी अनिल कुमार और बीट वन अधिकारी निषाद पीएस ने कहा कि इस क्षेत्र में बांस सहित पेड़ों पर लगभग एक लाख फल वाले चमगादड़ों के निवास करने की पूरी संभावना है।
चमगादड़ खा रहे हैं पका हुआ फल: अधिकारी
बीट वन अधिकारी निषाद पीएस ने कहा, ''चमगादड़ क्षेत्र में हर पका हुआ फल खा रहे हैं और उनकी संख्या हद से ज्यादा बढ़ती जा रही है।

कोट्टायम डीएफओ ने आवासीय क्षेत्रों के पास पेड़ों की कटाई के लिए मंजूरी दे दी है। चूंकि क्षेत्र की अधिकांश भूमि पर एलए टाइटल डीड हैं, इसलिए पेड़ों की छंटाई के लिए वन विभाग से अनुमति की आवश्यकता होती है। हमने लोगों को चमगादड़ों को डराने के लिए पटाखे न फोड़ने की सलाह दी है और हमें स्वास्थ्य अधिकारियों से सलाह मिली है कि चमगादड़ों में दहशत पैदा करने से वे अधिक स्वाब छोड़ेंगे...इसलिए ऐसा नहीं करना है।''
जिला कलेक्टर शीबा जॉर्ज ने कहा कि कोझिकोड में निपाह के प्रकोप के मद्देनजर डीएमओ को क्षेत्र में निरीक्षण करने के लिए बुधवार को आदेश जारी किए गए थे।












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