फांसी से पहले आखिरी उम्मीद: सुप्रीम कोर्ट में निमिषा प्रिया पर 14 जुलाई को सुनवाई, यमन में होनी है सजा-ए-मौत

Supreme Court Nimisha Priya: केरल की रहने वाली भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी को रोकने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 14 जुलाई 2025 को सुनवाई करेगा। यमन की अदालत ने उन्हें 2017 में एक यमनी नागरिक की हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई है और 16 जुलाई को फांसी तय मानी जा रही है।

गुरुवार (10 जुलाई) को वरिष्ठ अधिवक्ता आर. बसंत ने यह मामला शीघ्र सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट की पीठ (न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और जॉयमाल्य बागची) के समक्ष उठाया। अदालत ने याचिका को मंजूर करते हुए 14 जुलाई को सुनवाई तय की है।

Supreme Court Nimisha Priya

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता भारत सरकार के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी को याचिका की कॉपी दें, ताकि अगली सुनवाई में सरकार यह स्पष्ट कर सके कि इस मामले में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

याचिका में क्या मांग की गई है?

यह याचिका 'सेव निमिषा प्रिया एक्शन काउंसिल' नामक संस्था ने दायर की है। इसमें मांग की गई है कि भारत सरकार राजनयिक माध्यमों से हस्तक्षेप करे। यमन सरकार से निमिषा प्रिया की रिहाई की अपील करे। "ब्लड मनी" (शरीयत कानून के तहत आर्थिक मुआवजा) के जरिए पीड़ित परिवार से समझौता कराने में मदद करे।

निमिषा प्रिया की मौत की सजा का क्या है मामला?

38 वर्षीय निमिषा प्रिया, केरल के पलक्कड़ की रहने वाली हैं। उन्होंने यमन में 2015 में एक स्थानीय नागरिक तलाल अब्दो महदी के साथ मिलकर एक क्लिनिक खोला था। लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच व्यक्तिगत और आर्थिक विवाद गहराते चले गए।

आरोप है कि 2017 में निमिषा ने महदी को बेहोश करने के लिए उसे कोई इंजेक्शन दिया, ताकि वह उसका पासपोर्ट वापस ले सके, जो महदी ने जब्त कर रखा था। ओवरडोज के कारण महदी की मौत हो गई।

2020 में सना की एक अदालत ने निमिषा को मौत की सज़ा सुनाई, जिसे 2023 में यमन के सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल ने भी बरकरार रखा। 2024 में यमन के राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने फांसी की मंजूरी दे दी है। अब केवल पीड़ित के परिवार से माफी मिलने पर ही सज़ा को टाला जा सकता है।

निमिषा की मां लड़ाई

निमिषा की मां प्रेमा कुमारी, जो कोच्चि में घरेलू सहायिका हैं, पिछले एक साल से सना (यमन) में डेरा डाले हुए हैं। वे बेटी की सज़ा रोकने के लिए लगातार पीड़ित परिवार से माफी की अपील कर रही हैं और कानूनी मदद ले रही हैं।

दिसंबर 2023 में, उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट से यमन यात्रा पर लगे प्रतिबंध में छूट मांगी थी, जिसे मंज़ूरी के बाद वे यमन पहुंचीं और जेल में बेटी से कुछ मुलाकातें भी कर पाईं।

विदेश मंत्रालय ने पहले बयान में कहा था कि वह निमिषा और उनके परिवार को हर संभव मदद देगा। लेकिन सना फिलहाल हूथी विद्रोहियों के नियंत्रण में है, जिससे राजनयिक प्रयास बेहद कठिन हो गए हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+