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आतंकी फंडिंग मामले में NIA ने पूरे कश्मीर में कई ठिकानों पर की छापेमारी

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को श्रीनगर में कई स्थानों पर छापेमारी की। छापेमारी ग्रेटर कश्मीर अखबार का कार्यालय और सोनवार में मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज का निवास पर 'बेहिसाब फंडिंग' के संबंध में की गई। इसके अलावा एनजीओ एथ्राउट के कार्यालयों पर भी छापेमारी की गई। इसी सिलसिले में बेंगलुरु के एक ठिकाने पर भी छापा मारा गया था, जहां से कई अवैध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।

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    रिपोर्ट के मुताबिक एनआईए ने एनजीओ की फंड जुटाने की गतिविधियों की जांच करने के लिए एक नया मामला दर्ज किया है। मसलन, जो उन्हें फंड कर रहे हैं और फंड को कहां तक ​​चैनलाइज किया जा रहा है। अधिकारियों के हवाले से कहा गया है एनजीओ के खिलाफ हवाला रैकेट, धन की हेराफेरी और आतंकी फंडिंग के आरोप हैं।

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    NIA ने एनजीओ के खिलाफ 8/10/2020 u / s 120B, 124 A IPC और 17, 18, 22A, 22C, 38, 39 और 40 UA (P) A, 1967 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। एजेंसी ने बताया कि एनजीओ और ट्रस्ट पर आरोप है कि वो तथाकथित दान और व्यापार योगदान आदि के जरिए घरेलू और विदेशों में धन एकत्र कर रहे हैं और फिर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों के लिए इन फंडों का उपयोग कर रहे हैं।

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    गौरतलब है वर्ष 2016 में खुर्रम परवेज को श्रीनगर में उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उसकी गिरफ्तारी पर विवाद खड़ा कर दिया था, क्योंकि आरोप लगाया गया था कि उसे बिना किसी औपचारिक गिरफ्तारी वारंट के हिरासत में लिया गया था। सत्र अदालत द्वारा उनकी रिहाई के आदेश के बाद भी उन्हें 76 दिनों के लिए हिरासत में रखा गया था, क्योंकि उन्हें सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था।

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    वर्ष 2019 में एनआईए ने ग्रेटर कश्मीर के एडिटर-इन-चीफ फैयाज कालू से पूछताछ की थी, क्योंकि आंतकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद उसके अखबार में कुछ लेख छपे थे। NIA ने बताया कि विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होने पर छापेमारी को अंजाम दिया गया।

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    English summary
    The National Investigation Agency (NIA) on Wednesday raided several places in Srinagar. The NIA raids were conducted in connection with 'unaccounted funding' at the office of the Greater Kashmir newspaper and the residence of human rights activist Khurram Parvez in Sonwar. Apart from this, the offices of NGO Athrout were also raided. In this connection, a hideout in Bangalore was also raided from where many illegal documents and electronic equipment were seized.
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