NHRC ने नोटिस जारी कर मांगी किसान आंदोलन की रिपोर्ट, 4 राज्यों से मांगा जवाब
नई दिल्ली, 14 सितंबर: देश की राजधानी दिल्ली के साथ-साथ कई राज्यों में किसानों का आंदोलन जारी है। पिछले 9 महीने के ज्यादा के वक्त से किसान कृषि कानून के खिलाफ हल्ला बोले रहे हैं। किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए दिल्ली के बॉर्डर इलाकों पर आंदोलनरत है। इसके साथ ही और राज्यों में भी एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। किसान एक तरफ जहां कानूनों को रद्द करने की मांग उठा रहे है तो दूसरी तरफ एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच किसान आंदोलन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। एनएचआरसी ने किसानों के प्रदर्शन को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
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किसान के जारी आंदोलन के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बुधवार तक दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर किसानों के विरोध प्रदर्शन की रिपोर्ट मांगी है।
अपने नोटिस में मानवाधिकार आयोग ने बताया कि उनको देश में चल रहे किसान विरोध के संबंध में कई शिकायतें मिली हैं, जिसमें औद्योगिक इकाइयों पर प्रतिकूल प्रभाव के आरोप हैं। साथ ही कहा गया कि 9000 से अधिक सूक्ष्म, मध्यम और बड़ी कंपनियों को गंभीर रूप से यह किसान आंदोलन प्रभावित कर रहा हैं। कथित तौर पर परिवहन पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है, जिससे यात्रियों, रोगियों, शारीरिक रूप से विकलांग लोगों सहित वरिष्ठ नागरिकों को सड़कों पर भारी भीड़ के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वहीं ये भी बताया गया है कि किसानों के आंदोलन के चलते लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है और सीमाओं पर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। ऐसे में आयोग ने मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार, मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और आयुक्त को नोटिस जारी किए हैं। आरोप यह भी है कि धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे किसानों द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया जा रहा है।












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