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पदभार संभालते ही नए विदेश मंत्री जयशंकर को आई अपने पुराने 'बॉस' की याद, किया ये इमोशनल ट्वीट

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नई दिल्‍ली। पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर ने बतौर विदेश मंत्री अपना कार्यभार संभाल लिया। विदेश सचिव से अब मंत्री की कुर्सी तक पहुंचने वाले जयशंकर ने बतौर विदेश मंत्री ट्टिवर पर सबका आभार जताया। इस दौरान उन्‍हें अपनी एक्‍स बॉस की याद भी आई। हम बात कर रहे हैं मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्रालय संभालने वाली सुषमा स्‍वराज की। सुषमा के इस मंत्रालय से जाने के बाद कई लोग उन्‍हें मिस कर रहे हैं और इन कई लोगों में एक नाम जयशंकर का भी है। सुषमा स्‍वराज, इंदिरा गांधी के बाद देश की दूसरा महिला विदेश मंत्री बनीं और उनके कार्यकाल ने हर आम भारतीय के दिल में अपनी छाप छोड़ी है।

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शनिवार को किया पहला ट्वीट

जयशंकर ने शनिवार को ट्वीट किया और लिखा, 'यह मेरा पहला ट्वीट है और मैं आप सभी लोगों का शुभकामना भेजने के लिए धन्‍यवाद करता हूं। मुझे यह जिम्‍मेदारी दी गई है और यह मेरा सम्‍मान है। मैं सुषमा स्‍वराज जी के पदचिन्‍हों का पालन करने पर गौरान्वित महसूस कर रहा हूं।' जब जयशंकर को पहली बार विदेश सचिव की जिम्‍मेदारी दी गई तो उस समय एक बॉस के तौर पर सुषमा मंत्रालय में मौजूद थीं। अब जब जयशंकर मंत्रालय पहुंचे हैं तो सुषमा देश के पूर्व विदेश सचिव की एक्‍स बॉस होने के अलावा विदेश मंत्री की भी एक्‍स बॉस बन गई हैं।

साल 2015 में बने थे विदेश सचिव

साल 2015 में बने थे विदेश सचिव

जयशंकर को जनवरी 2015 में उन्‍हें विदेश सचिव नियुक्‍त किया गया और उस समय उनकी नियुक्ति ने विवाद भी पैदा किया। जयशंकर रिटायर होने वाले थे और उन्‍हें सुजाता सिंह की जगह विदेश सचिव बनाया गया था। एस जयशंकर को चीन से जुड़े मसलों का अच्‍छा-खासा अनुभव है। वह चीन में बतौर राजदूत रहे हैं और उनके कार्यकाल में ही लद्दाख के डेपसांग और फिर जून 2017 में डोकलाम विवाद हुआ था। जयशंकर ने बखूबी इन मसलों को हल किया था। कहते हैं कि जयशंकर ने ही चीन के साथ पर्दे के पीछे बातचीत को आगे बढ़ाया और विवाद को सुलझाया।

विदेश नीति को दी दिशा

विदेश नीति को दी दिशा

जयशंकर को एक ऐसे अधिकारी के तौर पर जाना जाता है जिन्‍होंने पीएम मोदी की विदेश नीति को एक सही आकार देने का काम किया। जनवरी 2015 में उन्‍हें विदेश सचिव नियुक्‍त किया गया और उस समय उनकी नियुक्ति ने विवाद भी पैदा किया। जयशंकर रिटायर होने वाले थे और उन्‍हें सुजाता सिंह की जगह विदेश सचिव बनाया गया था। जयशंकर को इस वर्ष मार्च में पद्मश्री से सम्‍मानित किया जा चुका है। साल 2018 में वह रिटायर हो गए और फिर टाटा ग्रुप के साथ जुड़ गए। यहां पर उन्‍हें ग्‍लोबर कॉरपोरेट अफेयर्स का जिम्‍मा सौंपा गया।

सुषमा ने पीएम मोदी को दिया थैंक्‍यू

सुषमा ने पीएम मोदी को दिया थैंक्‍यू

नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद सुषमा ने भी एक इमोशनल ट्वीट किया था। सुषमा ने अपनी ट्वीट में लिखा था, ' प्रधान मंत्री जी -आपने 5 वर्षों तक मुझे विदेश मंत्री के तौर पर देशवासियों और प्रवासी भारतीयों की सेवा करने का मौका दिया और पूरे कार्यकाल में व्यक्तिगत तौर पर भी बहुत सम्मान दिया. मैं आपके प्रति बहुत आभारी हूं। हमारी सरकार बहुत यशस्विता से चले, प्रभु से मेरी यही प्रार्थना है।' सुषमा के विदेश मंत्री न होने की खबर से कई लोगों को दुख भी हुआ।

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English summary
New External Affairs Minister S Jaishankar has taken charge of his office and he dedicated his first tweet to his ex boss Sushma Swaraj.
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