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आंध्र प्रदेश में मिला कोरोना का 15 गुना खतरनाक स्ट्रेन, 3-4 दिन में ही ऑक्सीजन लेवल कर देता है कम

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विशाखापट्नम , मई 04: देश में मौजूद कोरोना के इंडियन म्यूटेंट स्ट्रेन ने तबाही मचा रखी है। इसी बीच आंध्र प्रदेश में कोरोना का नया स्ट्रेन मिला है। इसे AP Strain और N440K नाम दिया गया है। यह कोरोना के भारतीय वेरिएंट्स कहे जाने वाले स्ट्रेन से भी खतरनाक बताया जा रहा है। सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के वैज्ञानिकों ने बताया कि ये भारत में मौजूदा स्ट्रेन के मुकाबले 15 गुना ज्यादा खतरनाक है। विशाखापट्टनम समेत आंध्र प्रदेश के कई दूसरे इलाकों में संक्रमितों की तेजी से बढ़ती संख्या का कारण हो सकता है।

3-4 दिनों में हाइपोक्सिया हो जाते हैं लोग

3-4 दिनों में हाइपोक्सिया हो जाते हैं लोग

सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के वैज्ञानिकों ने बताया जा रहा है कि यह वैरिएंट 15 गुना ज्यादा संक्रामक है। इसकी वजह से 3 से 4 दिन में ही लोग बीमार हो जा रहे हैं। इससे संक्रमित होने वाले मरीज 3-4 दिनों में हाइपोक्सिया या डिस्पनिया के शिकार हो जाते हैं। इसका मतलब, सांस मरीज के फेफड़े तक पहुंचना बंद हो जाती है। म्यूटेंट 'N440K' को पहली बार आंध्र प्रदेश के करनूल शहर में पाया गया था। अब यह म्यूटेंट आंध्र और तेलंगाना सहित देश के कई हिस्सों में तेजी से फैल रहा है।

आंध्र में मचाई तबाही

आंध्र में मचाई तबाही

शोधकर्ताओं का दावा है कि दूसरी लहर के दौरान आंध्र और तेलंगाना में जितने भी नए मामले आए हैं, उसमें से एक तिहाई मामले इसी वेरिएंट के चलते आए हैं और यह लगातार ही फैलता जा रहा है। विशाखापट्टनम के जिलाधिकारी वी विनय चंद ने कहा, "हमें अभी पता लगाना है कि फिलहाल कौन सा स्ट्रेन फैल रहा है। जांच के लिए सैंपलों को सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी भेजा गया है, लेकिन एक बात तय है कि विशाखापट्टनम में अभी जो स्ट्रेन फैल रहा है, वो पिछले साल आई पहली लहर से बहुत अलग है।

भारतीय वेरिएंट्स कहे जाने वाले स्ट्रेन से भी खतरनाक AP Strain

भारतीय वेरिएंट्स कहे जाने वाले स्ट्रेन से भी खतरनाक AP Strain

सुधाकर कहते हैं, "नए वेरिएंट का इनक्यूबेशन पीरियड छोटा है और यह तेजी से फैलता है। पहले जहां एक मरीज को संक्रमण होने के लगभग एक सप्ताह बाद सांस लेने आदि में तकलीफ होती थी, लेकिन अभी संक्रमण के तीसरे-चौथे दिन ही मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये स्ट्रेन युवाओं और बच्चों पर तेजी से हावी हो रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर समय रहते इसकी चेन को तोड़ा नहीं गया तो कोरोना की ये दूसरी लहर और भी ज्यादा भयावह हो सकती है। ये मौजूदा स्ट्रेन B1617 और B117 से कहीं ज्यादा खतरनाक है।

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जवान और मजबूत इम्युनिटी वाले लोग भी इस स्ट्रेन की चपेट में आ रहे हैं

जवान और मजबूत इम्युनिटी वाले लोग भी इस स्ट्रेन की चपेट में आ रहे हैं

विशेषज्ञों ने कहा कि पहली लहर में जहां कुछ देर तक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहने से संक्रमण दूसरे व्यक्ति तक फैलता था, लेकिन इस बार थोड़ा सा संपर्क काफी है। इस वजह से एक संक्रमित व्यक्ति अपने संपर्क में आए चार-पांच लोगों तक संक्रमण फैला सकता है। इस वायरस से कोई सुरक्षित नहीं है। जवान और मजबूत इम्युनिटी वाले लोग भी इस स्ट्रेन की चपेट में आ रहे हैं।

English summary
New AP corona Strain Might be 15 Times More Virulent responsible for creating havoc in Vizag
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