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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की उपेक्षा पर भाजपा से नाराज दिखे उनके पोते, प्रधानमंत्री को दिया ये मैसेज

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    Netaji Subhash Chandra Bose की जयंती को लेकर BJP में नहीं दिखा उत्साह, पोते ने कहा ये|Oneindia Hindi

    नई दिल्ली। देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान निभाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज 123वीं जयंती है। बीते साल नेताजी की जंयती पर कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ था लेकिन इस बार सत्ताधारी भाजपा में कोई उत्साह नहीं दिख रहा है। इसपर नेताजी के पोते और भाजपा नेता चंद्र कुमार बोस ने काफी हैरानी जताई है। चंद्र कुमार बोस पश्चिम बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने भाजपा में उत्साह ना देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संदेश दिया है।

    प्रधानमंत्री के लिए संदेश

    प्रधानमंत्री के लिए संदेश

    चंद्र कुमार बोस ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, 'नेताजी की जयंती के मौके पर कुछ कार्यक्रम तो होना ही चाहिए। अगर आप उनकी उपेक्षा करते हैं, तो आप देश की उपेक्षा करते हैं। ये मेरा प्रधानमंत्री के लिए संदेश है।' हालांकि बोस ने ये भी कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने सुभाष चंद्र बोस के अपार योगदान को मान्यता दी है। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर किसी भी विशेष कार्यक्रम के आयोजन के लिए बुधवार शाम तक भाजपा मुख्यालय को कोई निर्देश नहीं आया।

    दिल्ली विधानसभा चुनाव में व्यस्त है भाजपा?

    दिल्ली विधानसभा चुनाव में व्यस्त है भाजपा?

    इस मामले पर सूत्रों का कहना है कि भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव में काफी व्यस्त है, जिसके चलते इस बार नेताजी की जंयती पर कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं हो रहा है। बीते साल नेताजी की 122वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले में सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय का उद्घाटन किया था। इसके अलावा और भी कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ था। इस संग्रहालय में नेताजी से संबंधित विभिन्न कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया। उनके द्वारा इस्तेमाल की गई लकड़ी की कुर्सी, तलवार, उनके पदक, वर्दी, बैज आदि को भी बोस संग्रहालय में उस दिन प्रदर्शित किया गया था।

    अंडमान और निकोबार के तीन द्वीपों का नाम बदला गया था

    अंडमान और निकोबार के तीन द्वीपों का नाम बदला गया था

    संग्रहालय से कुछ महीने पहले 21 अक्टूबर, 2018 को प्रधानमंत्री ने लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर नेताजी द्वारा गठित आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पट्टिका का अनावरण किया था। 2018 में उन्होंने नेताजी को श्रद्धांजलि के रूप में अंडमान और निकोबार के तीन द्वीपों का नाम बदल दिया था। उन्होंने रॉस द्वीप का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, नील द्वीप को शहीद द्वीप और हैवलॉक द्वीप को स्वराज द्वीप नाम दिया था।

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    English summary
    netaji subhash chandra bose grandson ck bose is upset with bjp for not organising biggest program.
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