डोकलाम विवाद के शांतिपूर्ण हल के लिए नेपाल से मदद की आस लगा रहा चीन?
Nepal PM begins India visit, likely to call for peaceful resolution to standoff
नई दिल्ली। नेपाल के पीएम शेर बहादुर देऊबा गुरुवार को भारत पहुंचे। राष्ट्रपति भवन में जोरदार स्वागत के बाद देऊबा ने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। बातचीत के बाद पीएम मोदी कहा कि नेपाल-भारत के रिश्ते को हिमलाय जितना पुराना बताया तो वहीं देऊबा ने भी भारत की नेबर फर्स्ट पॉलिसी की सराहना की। दूसरी ओर भारत-नेपाल के पीएम को यूं गलबहियां करते देख चीन को मिर्ची लग रही है। वह काफी समय से नेपाल में 'घुसपैठ' करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हार बार उसे मुंह की खानी पड़ती है। चीन नेपाली पीएम के पांच दिवसीय दौरे से किस कदर परेशान है, उसका अंदाजा ड्रैगन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपे आर्टिकल से लग जाता है।


'मोदी सरकार डालेगी नेपाल पर दबाव'
देऊबा की भारत यात्रा के बारे में ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि भारत-चीन के बीच चल रहे डोकलाम विवाद के बीच नेपाल के पीएम का पांच दिवसीय भारत दौरा बुधवार को शुरू हो गया। चीनी एक्सपर्ट ने आगे लिखा- इसमें शक नहीं कि मोदी सरकार नेपाल पर भारत-चीन में से एक को चुनने का दबाव जरूर डालेगी। हालांकि, नेपाल डोकलाम मुद्दे के शांतिपूर्ण हल का पक्षधर है, क्योंकि भारत-चीन दोनों के लिए यही बेहतर है।

देऊबा के दौरे से चीन परेशान
पीएम बनने के बाद देऊबा सबसे पहले भारत दौरे पर आए हैं, इस बात से चीन को मिर्ची लगी हुई है। अखबार लिखता है कि देऊबा की यह भारत यात्रा चीन के वाइस प्रीमियर वांग यांग की नेपाल यात्रा के ठीक बाद हो रही है, जिसमें दोनों देशों ने रोड समेत अन्य कई कार्यक्रमों पर सहयोग पर मुहर लगाई थी।
आर्टिकल में आगे लिखा गया है, 'भारत निश्चित तौर पर नेपाल से कहेगा कि वह इंडिया-चाइना में से किसी एक को चुने। वैसे भी नेपाल अपने पड़ोसी भारत की दादागिरी से आजिज आ गया है। नेपाल आज भी आर्थिक और राजनीतिक तौर पर भारत पर काफी हद तक निर्भर करता है।
चीनी अखबार आगे लिखता है कि नेपाल की कोशिश हर हाल में भारत-चीन के बीच न फंसने की रहेगी, बल्कि वह तो मामले का शांतिपूर्ण हल कराने के लिए प्रयास करेगा।

नेपाल से भारत को समझाने की अपील
चीन की सरकार के इस मुखपत्र में एक या दो नहीं बल्कि कई बार यह बात कही गई है कि नेपाल डोकलाम विवाद का शांतिपूर्ण हल चाहेगा। ऐसा जान पड़ता मानो चीन का यह अखबार कह रहा हो कि नेपाल तुम जाकर भारत को समझाओ कि डोकलाम विवाद का हल निकाल लो। चीन के साथ झगड़ा मत करो। इस आर्टिकल में कई बार डोकलाम विवाद के शांतिपूर्ण हल की बात कही गई है, जबकि पिछले कई हफ्तों से चीन को भारत तो लगातार धमकी दे रहा है, लेकिन मोदी सरकार के सामने उसका हर पैंतरा अब नाकाम साबित हुआ है। ऐसे में चीन की हालत अब यह हो गई है कि वह डोकलाम विवाद का हल निकालने के लिए नेपाल की मदद की आस लगाए बैठा है।












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