राज्यसभा में गूंजा NEET UG पेपर लीक का मुद्दा, शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा- जल्द नए कानून होंगे लागू
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि सरकार परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए सिस्टम को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

नीट (यूजी) 2024 परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े सवालों के जवाब में मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कोई सिस्टमिक विफलता नहीं हुई है। सरकार ने सीबीआई से इस मामले की जांच करवाई है और पेपर चोरी के मामले में 45 आरोपियों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल की गई हैं।
नए कानून और सिफारिशों को लागू करने की पहल
मजूमदार ने कहा कि सरकार ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024' नामक एक नया कानून पास किया है और के राधाकृष्णन समिति की कई सिफारिशों को लागू किया है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि परीक्षाएं एक पारदर्शी सिस्टम के तहत आयोजित हों। हम गारंटी देते हैं कि मोदी सरकार के तहत किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि कोई सिस्टमिक लीकेज नहीं हुआ है।
सीबीआई जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
मंत्री ने बताया कि नीट (यूजी) 2024 परीक्षा के बाद कथित अनियमितताओं, धोखाधड़ी और गड़बड़ी के मामले सामने आए थे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहले एक बयान में कहा था कि सरकार ने सीबीआई से पूरी तरह से जांच करवाने का निर्देश दिया है। 21 नवंबर, 2024 तक सीबीआई ने पेपर चोरी के मामले में 45 आरोपियों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल की हैं। प्रधान ने कहा कि पेपर चोरी और अनुचित साधनों का फायदा उठाने वाले उम्मीदवारों और एमबीबीएस छात्रों के नाम की पहचान की गई है, जिन्होंने चोरी किए गए पेपर को हल किया था या परीक्षा में धोखाधड़ी की थी।
राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने की तैयारी
22 जून, 2024 को सरकार ने के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था, जिसने 21 अक्टूबर, 2024 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। समिति ने राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा में सुधार, एनटीए को मजबूत करने, राज्यों के साथ संस्थागत संबंध बनाने और टेस्ट इंडेंटिंग एजेंसियों को ज्ञान और परीक्षा साझेदार के रूप में शामिल करने की सिफारिश की। समिति ने पेन और पेपर टेस्ट (पीपीटी) और कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) में गड़बड़ी को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) भी सुझाई हैं।
एनटीए की निगरानी के लिए स्टीयरिंग कमेटी का गठन
समिति ने एनटीए पर उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक उच्च-शक्ति वाली स्टीयरिंग कमेटी के गठन की सिफारिश की है, जिसे पहले ही गठित कर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि अगर समिति की सिफारिशों को पूरी तरह से लागू किया जाता है, तो इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।












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