'देश में BJP विरोधी लहर...यह बताने के लिए किसी ज्योतिषी की जरूरत नहीं', शरद पवार का बयान
Sharad Pawar News: शरद पवार ने कहा कि कर्नाटक चुनाव के नतीजों को देखते हुए लोग बदलाव के मूड में हैं। मौजूदा वक्त में देश के अंदर 'भाजपा विरोधी लहर' है।

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्ष एकता पर खासा फोकस किया जा रहा है। ऐसे में 15 से ज्यादा दलों की पटना में 23 जून को बैठक होने जा रही है। इस बैठक में देश के सभी बड़े राजनीतिक दल एक जाजम पर आएंगे। इससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने औरंगाबाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश में बीजेपी विरोधी लहर है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने दावा करते हुए कहा कि मौजूदा वक्त में 'भाजपा विरोधी लहर' है और देश के लोग कर्नाटक में हाल में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखते हुए बदलाव चाहते हैं।
शरद पवार का दावा- देश में BJP विरोधी लहर
औरंगाबाद में मीडिया से बात करते हुए शरद पवार ने कहा कि "मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए, मुझे लगता है कि देश में भाजपा विरोधी लहर चल रही है। कर्नाटक चुनाव परिणामों को देखते हुए, लोग बदलाव के मूड में हैं। यदि लोगों की यह मानसिकता जारी रहती है, तो आने वाले चुनावों में देश में बदलाव आएगा। यह बताने के लिए किसी ज्योतिषी की जरूरत नहीं है।"
एक साथ लोकसभा-विधानसभा चुनाव पर बयान
वहीं लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने की संभावना के सवाल पर शरद पवार ने कहा कि "ऐसा मुझे ऐसा नहीं लगता। कर्नाटक विधानसभा चुनावों के परिणामों को देखते हुए मुझे नहीं लगता कि देश के शासक लोकसभा चुनावों के साथ-साथ राज्य विधानसभा चुनाव कराने के झंझट में पड़ेंगे। वो सिर्फ लोकसभा चुनावों पर फोकस करेंगे।
बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में होने हैं, और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भी अगले साल के अंत में होने वाले हैं।
छोटी-छोटी घटनाओं को धार्मिक रंग दिया जा रहा-पवार
वहीं महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति और हिंसा की कुछ घटनाओं पर बोलते हुए एनसीपी चीफ ने कहा किराज्य में कुछ छोटे मुद्दों को "धार्मिक रंग" दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "राज्य में कानून-व्यवस्था स्थापित करने के लिए शासक जिम्मेदार हैं। अगर सत्ताधारी दल और उनके लोग इसे लेकर सड़कों पर उतरते हैं और दो धर्मों के बीच दरार पैदा करते हैं, तो यह अच्छा संकेत नहीं है।"
उन्होंने कहा कि अगर औरंगाबाद में पोस्टर दिखाया जाता है, तो पुणे में हिंसा की क्या जरूरत है। लेकिन ऐसा होने के लिए बनाया जा रहा है।












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