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जानें कौन हैं नताशा और देवांगना कलिता, दिल्ली दंगे से जुड़े मामले में जिनकी हुई रिहाई

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नई दिल्ली, 18 जून: पिछले साल हुए सीएए विरोधी प्रदर्शन और दिल्ली दंगों की जांच अभी जारी है। इस बीच 15 जून को दिल्ली पुलिस को एक बड़ा झटका लगा, जहां पिछले साल गिरफ्तार की गईं जेएनयू की दो छात्राओं को रिहा करने का आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया। हालांकि इसके बाद भी उन्हें जेल से नहीं छोड़ा गया, जिस पर निचली अदालत ने पुलिस को फटकार भी लगाई। इसके बाद से छात्र कार्यकर्ता नताशा नरवाल, देवांगना कालिता का नाम चर्चा में है। आइए जानते हैं कि ये दोनों कौन हैं और कैसे दिल्ली दंगे से इनका नाम जुड़ा-

    Delhi Violence Case: Tihar Jail से बाहर आईं Natasha और Devangana, कही ये बड़ी बात | वनइंडिया हिंदी
    'पिंजरा तोड़' संस्था से जुड़ीं

    'पिंजरा तोड़' संस्था से जुड़ीं

    दरअसल नताशा और देवांगाना दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से पढ़ाई कर रही हैं। साथ ही वो 'पिंजरा तोड़' नाम की एक संस्था से भी जुड़ी हैं। ये संस्था वैसे तो छात्रों का ही एक समूह है, जो महिलाओं के प्रति सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ काम करता है। संस्था के सदस्यों ने बताया कि 2015 में कुछ कॉलेजों में लड़कियों से भेदभाव हो रहा था। उस दौरान जमकर विरोध हुआ और फिर यहीं से 'पिंजरा तोड़' की स्थापना हुई।

    दिल्ली दंगों से कैसे जुड़ गए तार?

    दिल्ली दंगों से कैसे जुड़ गए तार?

    मोदी सरकार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लेकर आई थी। जिसके खिलाफ 2020 की शुरुआत में राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन शुरु हुआ। इसके बाद फरवरी में इसी को लेकर दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा हुई। नताशा और देवांगाना का संगठन भी सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल था। ऐसे में दंगों से जुड़े मामलों में उनको भी आरोपी बना दिया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक हिंसा से एक दिन पहले जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर दोनों ने सीएए विरोधी प्रदर्शन आयोजित किया था।

    घर का नहीं हुआ वेरिफिकेशन

    घर का नहीं हुआ वेरिफिकेशन

    पिछले साल गिरफ्तार हुईं दोनों छात्रों को 15 जून को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बाद भी उन्हें जेल से रिहा नहीं किया गया। इसके पीछे दिल्ली पुलिस ने दोनों के घरों का वेरिफिकेशन नहीं होने की बात कही थी। फिर मामला कड़कड़डूमा कोर्ट पहुंचा और वहां से हाईकोर्ट के आदेश का तुरंत पालन करने के निर्देश दिए गए। जिसके बाद दोनों को जेल से रिहा कर दिया गया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने दोनों के जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। रिहाई के बाद नताशा ने कहा कि जेल में उन्हें जबरदस्त सहयोग मिला। वो अपना संघर्ष जारी रखेंगी।

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    English summary
    Natasha Narwal and Devangana Kalita bail anti CAA protest delhi
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