• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

पीवी नरसिम्हा राव देना चाहते थे नेताजी को भारत रत्न

|

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंम्हा राव ने स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत रत्न देने का प्रस्ताव रखा था। नेताजी की जो खुफिया फाइलें सार्वजनिक हुई हैं उसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राव ने नेताजी को भारत रत्न देने का प्रस्ताव रखा था।

subhash chandra bose

तत्कालीन राष्ट्रपति आर वेंकटरमण को 10 अक्टूबर 1991 में लिखे गये पत्र में राव ने लिखा था कि यह प्रस्ताव रखा जाता है कि देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न सुभाष चंद्र बोस को दिया जाए, उनकी देश के लिए की गयी सेवा और स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सेदारी के लिए भारत रत्न दिया जाए।

19 जनवरी 1992 को राष्ट्रपति को लिखे गये एक और पत्र में ने राव ने सुझाव दिया था कि नेताजी को यह सम्मान देने की घोषणा 23 जनवरी को की जा सकती है, जिस दिन को नेताजी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। बाकी की फॉर्मेलिटीज को पूरा करने के लिए मेरा ऑफिस आपके संपर्क में रहेगा।

राष्ट्रपति भवन ने जो 22 जनवरी 1992 को पत्र लिखा उसमें कहा गया कि नेताजी के परिवार ने यह सम्मान लेने से इनकार कर दिया था। परिवार का कहना था कि यह नेताजी के योगदान का तिरस्कार है। पीएम ऑफिस ने जो पत्र लिखा था उसमें गृह मंत्री ने कहा था कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं कि अवॉर्ड को वापस लिया जाए।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Narsimha Rao had proposed to confer Bharat Ratna to Netaji Subhash Chandra Bose. Netaji family had denied to accept it.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more