नरेंद्र मोदी के आते ही 'मोटा' होने लगा पीएमओ
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। प्रधानमंत्री बनने के बाद रात दिन काम करते-करते नरेंद्र मोदी का वजन जरूर घट गया होगा, लेकिन उनका पीएमओ दिन पर दिन मोटा होता जा रहा है। ओहहह हमारे कहने का मतलब यह नहीं कि पीएमओ के कर्मचारी व अधिकारी काम नहीं कर रहे, बल्कि हमारा संकेत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर है, जिसका व्यास तेजी से बढ़ रहा है।

सीधे शब्दों में कहें तो पीएमओ का स्टाफ तेजी से बढ़ रहा है। कर्मियों की संख्या के लिहाज से इतना बड़ा पीएमओ पहले कभी नहीं रहा। एक आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, मोदी के पीएमओ में 356 मुलाजिम हैं। एक बात साफ है कि इतने अधिक स्टाफ के लिए बैठने की व्यवस्था करना भी संबंधित अफसरों के चुनौती भरा काम होता होगा।
जानकारों का कहना है कि साउथ ब्लॉक से चलने वाले पीएमओ में दो गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। इनमें से एक संयुक्त सचिव ए के शर्मा हैं तो दूसरे प्रधानमंत्री के निजी सचिव राजीव टोपनो। अतिरिक्त प्रमुख सचिव पी के मिश्रा गुजरात कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। वे पहले कृषि सचिव रह चुके हैं।
पीएमओ का बढ़ता स्टाफ
जानकारों का कहना है कि पीएमओ को ज्यादा मुलाजिम इसलिए लग रहे हैं क्योंकि यही से चला रहा प्रधानमंत्री का 'स्वच्छ भारत मिशन' अभियान और दूसरे तमाम प्रोजेक्ट। इसके अलावा सभी मंत्रालयों पर भी यही से नजर रखी जाती है। मोदी के पीएमओ में कुछ अहम पदों पर महिला अफसर भी हैं। इनमें संयुक्त सचिव अनु गर्ग, निदेशक शर्मिला मैरी जोसेफ और अवर सचिव आर मिताली शामिल हैं।
अगर उनके निजी स्टाफ की बात करें तो इनमें दो निजी सचिव, एक जनसंपर्क अधिकारी , चार विशेष कार्य अधिकारी शामिल है। इसके अलावा एक सूचना अधिकारी, तीन वरिष्ठï प्रमुख निजी सचिव, एक मुख्य निजी सचिव, एक अवर सचिव, चार कार्यकारी सहायक, दो अनुभाग अधिकारी, सात निजी सचिव, तीन सहायक, नौ निजी सहायक, एक हिंदी अनुवादक, एक स्टाफ कार चालक, एक लोअर डिविजन लिपिक , एक दफ्तरी, 16 चपरासी और एक सहायक भी शामिल हैं।
जानकारों का कहना है कि पहले कभी किसी प्रधानमंत्री का पीएमओ इतना शक्तिशाली भी नहीं रहा,जितना मोदी के दौर में यह बन गया है। माना जा सकता है कि पीएमओ लगातार शक्तिशाली होता रहेगा।












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