मोदी के निशाने पर हैं ये 13 करोड़ युवा जो 2019 में पहली बार डालेंगे वोट
2019 में पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को लुभाने के लिए मोदी ने कही ये बात
नई दिल्ली। स्वामी विवेकानंद द्वारा शिकागो में विश्व धर्म संसद में दिए भाषण के 125 वर्ष पूरे होने और पंडित दीनदयाल उपाध्याय शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को छात्रों के एक सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को लेकर कई बातें कहीं, खासतौर से उनकी कई बातों को उन वोटर्स को लुभाने से जोड़कर देखा जा रहा है जो 2019 के लोकसभा में पहली बार अपना वोट डालेंगे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि वो रोज डे के खिलाफ नहीं है। ये बात सभी को चौंका रही है क्योंकि आरएसएस, भाजपा, और इससे जुड़े संगठन ना सिर्फ इस तरह दिनों को मनाने का विरोध करते रहे हैं बल्कि वेलेंटाइन डे या रोज डे मनाने वालों के साथ हिंसा भी करते रहे हैं। ऐसे में इसे उन युवाओं को लुभाने से जोड़कर देखा जा रहा है, जो 2019 में पहली बार वोट डालेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की युवाओं में काफी पकड़ मानी जाती है, 2014 के चुनाव में भी उनकी जीत के पीछे युवा वोटों को अहम माना गया था। कांग्रेस भी राहुल गांधी को युवा नेता के तौर पर पेश करती है, ऐसे में पीएम मोदी की निगाह युवाओं पर है। प्रधानमंत्री रेडियो पर अपने कार्यक्रम 'मन की बात' में भी लगातार युवाओं की बात उठाते रहे हैं। वहीं अपनी सरकार की डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया से भी युवाओं को जोड़ने की उनकी कोशिश रही है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ''मेरे देश का नौजवान जॉब सीकर नहीं जॉब क्रिएटर बनना चाहिए, उसे मांगने वाला नहीं देने वाला होना चाहिए। हमने आकर देश में ऐसे नौजवानों को तैयार करने का फैसला लिया, जिसे कभी किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़े हाथ में सर्टिफिकेट है उसका महत्व है या उसके पास स्किल है उसका, हमारी सरकार ने इसकी शुरूआत की है।''












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