विक्रमादित्य पर मोदी का 'समुद्र मंथन', कहा भारत ना आंखें दिखाएगा न नजरें झुकाएगा

यहा उन्हें रिसीव करने नेवी चीफ आरके धवन पहुंचे। गोवा तट के करीब होने वाले कार्यक्रम में पहुंचने वाले मोदी का किसी रक्षा इकाई का बतौर पीएम पहला दौरा रहा। कार्यक्रम के दौरान नौसेना मोदी के सामने कई तरह के हैरतअंगेज कारनामे पेश करेगी
चुस्त सुरक्षा-
मोदी के दौरे के मद्देनजर नेवी ने जंगी बेड़े, लड़ाकू विमान, सर्विलांस प्लेन वगैरह की तैनाती की। पीएम मोदी का हेलिकॉप्टर आईएनएस हंसा एयर बेस पर लैंड करेगा। इससे पहले, पीएम हेलिकॉप्टर से ही अरब सागर में आईएनएस विक्रमादित्य पर जाएंगे। इस वजह से गोवा में सभी ट्रैफिक मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
वापसी करेगी कांग्रेस
दूसरा एयरक्राफ्ट करियर-
आईएनएस विक्रमादित्य आईएनएस विराट के बाद देश का दूसरा एयरक्राफ्ट करियर है। नेवी में इसके शामिल होने के बाद भारत एशिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जिसके पास इस तरह के दो युद्धपोत हैं। जहां तक चीन की बात है, उसने इसी साल अपना पहला एयरक्राफ्ट करियर लायनिंग लॉन्च किया है। खबरों के मुताबिक, चीन दो और युद्ध पोत बना रहा है।
एंटनी ने बताया गेमचेंजर-
आईएनएस विक्रमादित्य 16 नवंबर, 2013 को भारतीय नौसेना में शामिल हुआ। तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इसे नौसेना में शामिल किया था और इसे गेमचेंजर बताया था। भारत और रूस के बीच 2004 में 94.7 करोड़ डॉलर में इस पोत का सौदा हुआ था।
इस पोत की सप्लाई में दो बार देरी हुई और इसके पुनर्निर्माण की लागत बढ़कर 2.3 अरब डॉलर हो गई। रूस और भारत के बीच डिफेंस पार्टनरशिप की दिशा में यह एक और बड़ा कदम है। मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने इस बात के संकेत दिए हैं कि वह रूस के साथ सामरिक रिश्तों को और मजबूत करेंगे। इसी के साथ मोदी ने बारीकी से पोत व सैन्य जरूरतों पर अफसरों से विचार साझा किए।












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