Onion Price: टमाटर की तरह बेलगाम नहीं होंगी प्याज की कीमतें, मोदी सरकार ले आई 'मास्टर प्लान'
Onion Price: केंद्र सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच बड़ा फैसला लिया है। जिसकी मदद से टमाटर की तरह प्याज की कीमतें बेलगाम नहीं हो पाएंगी।
Onion Price: भारत में टमाटर की कीमते आसामन छूं रही हैं। ऐसे में फेस्टिवल सीजन में पकवानों का मजा किरकिरा न हो इसलिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज जारी करना शुरू करने का फैसला लिया है। इसकी मदद से टमाटर की तरह प्याज की कीमतें बेलगाम नहीं हो पाएंगी।
केंद्र सरकार ने पहले फैसला किया था कि वह 2023-24 सीजन में बफर स्टॉक के रूप में 3 लाख टन प्याज रखेगी। 2022-23 में सरकार ने 2.51 लाख टन प्याज बफर स्टॉक के तौर पर रखा है। अगर कम आपूर्ति वाले मौसम के दौरान दरें काफी बढ़ जाती हैं, तो किसी भी आपात स्थिति को पूरा करने और मूल्य स्थिरीकरण के लिए बफर स्टॉक बनाए रखा जाता है।

बढ़ते दामों का ऐसा निपटारा
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव रोहित कुमार सिंह ने सरकार की कृषि विपणन एजेंसियों- नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) के प्रबंध निदेशकों के साथ एक बैठक की। जिसमें प्याज की कीमतें बढ़ने से पहले ही निपटान के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया गया।
उन राज्यों या क्षेत्रों के प्रमुख बाजारों को लक्षित करके प्याज के स्टॉक को जारी करने का निर्णय लिया गया, जहां खुदरा कीमतें अखिल भारतीय औसत से ऊपर चल रही हैं और जहां पिछले महीने और साल में कीमतों में वृद्धि की दर सीमा स्तर से ऊपर है। खाद्य मंत्रालय ने कहा कि ई-नीलामी के माध्यम से निपटान और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खुदरा बिक्री का भी पता लगाया जा रहा है। उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर प्याज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "निपटान की मात्रा और गति" को कीमतों और उपलब्धता स्थितियों के साथ भी समायोजित किया जाएगा।
4 सालों में प्याज का बफर आकार हुआ तीन गुना
खाद्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि बाजार निपटान के अलावा, राज्यों को उनके उपभोक्ता सहकारी समितियों और निगमों के खुदरा दुकानों के माध्यम से बिक्री के लिए रियायती दरों पर पेशकश करने का भी निर्णय लिया गया। पिछले 4 सालों में प्याज का बफर आकार तीन गुना हो गया है। 2020-21 में 1.00 लाख मीट्रिक टन से 2023-24 में 3.00 लाख मीट्रिक टन तक। प्याज बफर ने उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मूल्य स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रबी, प्याज की कटाई अप्रैल-जून के दौरान की जाती है, जो भारत के प्याज उत्पादन का 65 प्रतिशत है और अक्टूबर-नवंबर में खरीफ फसल की कटाई तक उपभोक्ता की मांग को पूरा करता है। खरीदे गए स्टॉक को आम तौर पर लक्षित खुले बाजार की बिक्री के माध्यम से और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों और सरकारी एजेंसियों को कम आपूर्ति के मौसम के दौरान खुदरा दुकानों के माध्यम से आपूर्ति के लिए जारी किया जाता है।
-
Dhurandhar-2 में भी PM Modi ने तोड़ी Pakistan की कमर? रीयल से रील तक, भारत ने दुश्मन मुल्क को कितने दिए Shock? -
PM Modi Speech Highlights: संसद में गरजे PM मोदी, Hormuz Strait पर दिया बड़ा बयान, भारत का बताया प्लान -
लोकसभा में पीएम मोदी का बड़ा बयान- 'जहाजों पर हमला अस्वीकार्य, भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता' -
PM Modi की गोद में कौन है ये प्याारा बच्चा? जिसे प्रधानमंत्री ने बताया अपना 'नन्हा दोस्त', फोटो वायरल -
गुजरात CM से भारत के PM तक, 24 साल की लगातार ड्यूटी: Narendra Modi के 'अटूट समर्पण' की क्या है कहानी? -
Shaheed Diwas 2026: 'शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले', 23 मार्च को क्यों मनाते हैं शहीद दिवस? -
PM मोदी ने बनाया इतिहास: सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने का रिकॉर्ड, CM रेखा गुप्ता ने दी बधाई -
Monalisa की शादी के 8 दिन बाद ये क्या हो गया? मुस्लिम पति पर बड़ा खुलासा, डायरेक्टर के बयान से मचा हड़कंप -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात?












Click it and Unblock the Notifications