Nagaland Election Result 2023: 60 साल बाद मिलेगी पहली 'महिला विधायक', राज्य रचेगा इतिहास
विधानसभा चुनाव 2023 में नागालैंड महिला सशक्तिकरण को लेकर नया कीर्तिमान बना सकता है। इस राज्य को आजादी के बाद से अब तक की पहली महिला विधायक मिल सकती है। यहां कुल 4 महिलाएं चुनाव में किस्मत आजमा रही हैं।

Nagaland Election Result 2023: पूर्वोत्तर के राज्यों में नागालैंड में आज नया इतिहास बन सकताा है। विधानसभा चुनाव में मतगणना के रिजल्ट के साथ ही महिला विधायक मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल नागालैंड इकलौता ऐसा राज्य है जहां आजाद नागालैंड में आज तक कोई महिला विधायक नहीं चुनी जा सकी। पूरा देश यहां निगाहें टिकाए हैं, कारण चुनाव में इस दफा चार महिलाएं किस्मत आजमा रही हैं, इसमें एक चीफ इंजीनियर रह चुकी हैं। बता दें कि नागालैंड से अब तक दो महिलाएं ही सांसद बन सकी हैं, इनमें 1977 में रानो मेसे शाजिया सांसद चुनी गई थीं, जबकि दूसरी महिला एस फांगनोन कोन्याक को भाजपा से राज्यसभा भेजा गया था। इनके अलावा कोई महिला यहां विधायक या सांसद नहीं बन सकी हैं।
नागालैंड में महिला वोटरों की संख्या पुरुष वोटरों से ज्यादा है, बावजूद इस राज्य का रिकॉर्ड है कि यहां से किसी महिला को विधानसभा नहीं भेजा जा सका। पूर्व के चुनावों में महिलाओं ने चुनाव जरूर लड़ा था, लेकिन वे जीत नहीं सकीं। नॉर्थ-ईस्ट के महत्वपूर्ण प्रदेश नागालैंड पर इस दफा पूरा देश निगाहें गढ़ाए हैं, कारण 2023 विधानसभा चुनाव की मतगणना पूरी होते ही यहां नया इतिहास रच सकता है और इस राज्य को अपनी पहली महिला विधायक मिल सकती हैं।
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नागालैंड में 60 सीटें, राज्य में महज 4 महिला उम्मीदवार
नागालैंड पहाड़ी राज्य में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं। इन सीटों पर कुल 184 प्रत्याशी तमाम पार्टियों की तरफ से चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। हैरत की बात हैं कि पूरे चुनाव में केवल 4 महिला प्रत्याशी चुनावी अखाड़े में दमखम दिखा रही हैं। इनमें दीमापुर में 3 नंबर विधानसभा सीट से नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पाटी (NDPP) से प्रत्याशी हेकानी जाखालू जीत और इतिहास बनाने की तरफ जाती दिख रही हैं। इधर दूसरी महिला उम्मीदवार अतोइजू सीट से भाजपा प्रत्याशी काहुली सेमा, पश्चिमी अंगामी सीट पर एनडीपीपी की सालहुटुआनो क्रूस और टेनिंग सीट से कांग्रेस की रोजी थॉमसन चुनाव मैदान में हैं। इनमें से हेकानी जाखालू और भाजपा की काहुली सेमा के विधानसभा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि कुछ समय में इनकी किस्मत का फैसला जनता के सामने होगा।
यूडीपी से चुनी गईं थी रानो मेसे पहली महिला सांसद
नागालैंड राज्य की तासीर कुछ अलग ही हैं। राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व नहीं के बराबर है। जबकि वोटरों की संख्या में इस राज्य की महिलाएं पुरुषों से आगे हैं। जहां आज तक कोई महिला विधायक नहीं बन सकी तो 46 साल पहले 1977 में यूनाइटेट डेमोक्रेटिक पार्टी के टिक पर राज्य से पहली महिला सांसद चुनी गई थीं। रानो मेसे शाजिया को पहली महिला सांसद का गौरव मिला था। उसके बाद भाजपा ने इस राज्य से एस फांगनोन कोन्याक को राज्यसभा भेजा था। इन दो महिलाओं के अलावा यहां महिलाओं का राजनीतिक प्रतिशत शून्य रहा है।












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