JNU की कहानी, तस्वीरों की जुबानी
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। देश विरोधी नारों के बाद मजबूर, मायूस और विवादों के घिरे जेएनयू के बारे में बहुत कुछ लिखा और कहा गया। किसी ने कहा कि अफजल गुरु की फांसी जेएनयू के गले की फांस बन गई तो वहीं सोशल मीडिया पर #ShutDownJNU ट्रेंड करने लगा।
लेकिन जेएनयू कैंपस के अंदर दीवारों पर जो पोस्टर्स या फिर पेटिंग बनाए गये हैं वो जेएनयू की एक अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। कैंपस में आतंकवाद जैसे माहौल के बीच छात्रों ने मीडिया से दूरी बना ली है। वो किसी से कुछ भी नहीं बोल रहे।
लेकिन दीवारों पर बनी तस्वीरें बुलंद आवाज में अपनी भावनाएं व्यक्त कर रही हैं। तो आईए तस्वीरों की जुबानी ही आपको जेएनयू की पूरी कहानी से अवगत कराते हैं:

बोल के लब आजाद हैं तेरे
जेएनयू में ऐसे स्लोगन लगभग कई जगह देखने को मिल जाएंगे। लेकिन मौजूदा हालात इससे बिल्कुल अलग हैं। छात्रों की चहलकदमी तो है लेकिन कोई कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।

बदल..बदला...बदलाव
ये तस्वीर जेएनयू के एक एकैडमिक विभाग की है। यहां इस तस्वीर के साथ गोलवालकर और एबीवीपी के कई बैनर लगे हुए हैं।

जेएनयू पर गर्व है
कैंटिन के बाहर लगे इस पोस्टर पर लिखा गया है MY JNU MY PRIDE। इस पोस्टर पर देशभक्ती के कई स्लोगन लिखे गये हैं। इस पोस्टर पर यह भी लिखा गया है कि जेएनयू सिर्फ देशभक्तों का है।

AISA के पोस्टर
जेएनयू कैंपस में AISA ने कई जगह पोस्टर लगाए हुए हैं। लेकिन इस पोस्टर में एक खास बात है। इस पोस्टर पर लिखा गया है कि युद्ध में तेरे होने के दिन आ गये हैं।

रोहित वेमुला को लेकर अभी है जारी है अनशन
हैदराबाद विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला के खुदकुशी के बाद इस मामले में जेएनयू कैंपस में एक संगठन अनशन पर बैठा है। अनशन का आज 10वां दिन था।

प्रदर्शन हमारा हक है
कैंपस में AISA ने पोस्टर लगाया है जिसपर लिखा है कि प्रदर्शन हमारा हक है।

NSUI ने चिपकाए पोस्टर
NSUI ने जगह-जगह ऐसे पर्चे चिपकाए हैं जिसपर लिखा गया है कि एबीवीपी और आरएसएस एंटी नेशनल हैं। इस पर्चे पर उन्होंने इतिहास की बातों से लेकर वर्तमान परिस्थितियों तक का जिक्र किया है।












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