मुजफ्फरनगर के जख्म पर पीएम का मरहम कहा, आपके दर्द में शामिल होने आया हूं
लखनऊ। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश के हिंसा प्रभावित जिले मुजफ्फरनगर के दौरे पर सोमवार को इस घटना पर दुख जताते हुए पीड़ितों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार को केंद्र द्वारा मदद दिए जाने का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने हिंसा में शामिल लोगों को कड़ी सजा दिए जाने की बात कही। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सबसे पहले बसीकलां गांव पहुंचे जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों के दुख दर्द को सुना।
संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ लोगों के दुख दर्द में शामिल होने आया हूं ताकि घटना के आकार का आकलन कर सकूं। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी घटना है। हिंसा में जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों के जानमाल की हिफाजत करने की पूरी कोशिश की जाए, जिससे कि ये लोग फिर से अपने घरों में जाकर बस सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा दी जाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पीड़ितों की मदद के लिए केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश सरकार की हरसंभव मदद करेगी। प्रधानमंत्री के साथ पहुंचे सोनिया और राहुल ने राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों से उनकी तकलीफें सुनीं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा 10 लाख रुपये के मुआवजे के साथ मृतकों के परिवारों के एक सदस्य को नौकरी देने के ऐलान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री की तरफ से भी पीड़ितों के लिए राहत की घोषणा की जा सकती है।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री हिंसा में मारे गए टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के घर भी जाएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री अखिलेश भी रविवार को वर्मा के घर गए थे। प्रधानमंत्री के साथ राजपाल बीएल जोशी और स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी मौजूद हैं। उनकी सुरक्षा के लिए राज्य सरकार की तरफ से पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) आरके विश्वकर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में 2 पुलिस महानिरीक्षक, पांच पुलिस उपमहानिरीक्षक, 14 अपर पुलिस अधीक्षक, 20 पुलिस उपाधीक्षक, 150 निरीक्षक उपनिरीक्षक, 500 सिपाही, 14 यातायात उपनिरीक्षक तैनात हैं। विश्वकर्मा ने बताया कि मुजफ्फरनगर में पहले से ही अर्धसैनिक बलों की 42 टुकड़ियां मौजूद हैं जबकि आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की तीन कमांडो टीमें मेरठ से मुजफ्फरनगर भेजी गई हैं। उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है। शहर के तीन थाना क्षेत्रों में रात में कर्फ्यू लागू किया जा रहा है।












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