यूपी के गृह सचिव का घटिया और गैरजिम्मेदाराना बयान, कहा ठंड से कोई नहीं मरता

एके गुप्ता ने कहा कि बच्चे निमोनिया से मरते हैं, ठंड से नहीं। ठंड से कोई नहीं मर सकता। अगर ठंड से मौतें होतीं तो साइबेरिया में कोई जिंदा नहीं बचता। उत्तर प्रदेश सरकार ने उस रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया है जिसमें दंगा पीड़ितों के राहत शिविर में 34 बच्चों की मौत का दावा किया गया था। यह पूछे जाने पर कि क्या राहत शिविरों में ‘षड्यंत्रकारी' भी रह रहे हैं, प्रधान सचिव (गृह) ए के गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा कि समिति ने कहा है कि शिविरों में सिर्फ विस्थापित लोग ही रह रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक मुजफ्फरनगर के लोई तथा शामली के मदरसा तैमूल शाह, मलकपुर, बरनवी तथा ईदगाह में कुल पांच शिविरों में 4,783 लोग अब भी रह रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि शिविरों में सभी बच्चों को चिकित्सा सुविधा दी जा रही है और मौतों के लिये डाक्टरों की लापरवाही या अक्षमता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। बच्चों की मौत होने की खबर मीडिया में आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरठ के आयुक्त की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था।
इस बीच केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों के संबंध में विवादित टिप्पणी को लेकर मुलायम सिंह यादव से माफी मांगने को कहा है। मालूम हो कि समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने भी ऐसा ही बेतुका बयान दिया था जिसके बाद से पार्टी की काफी फजिहत हुई थी। मुलायम ने दावा किया था कि राहत शिविरों में कोई दंगा पीड़ित नहीं बचा है और वहां केवल कांग्रेस-बीजेपी के लोग रुके हुए हैं, जो उत्तर प्रदेश सरकार की छवि को खराब कर रहे हैं।












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