उत्तराखंड में मंदिर के पास नमाज अदा करते समय एक मुस्लिम व्यक्ति पर हमला किया गया
एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति, शाहिद पर कथित तौर पर हमला किया गया और मंगलवार को पुलिस ने बताया कि जगतपुरा में अटरिया मंदिर के पास खाली जमीन पर नमाज़ अदा करने के बाद उनसे धार्मिक नारे लगवाने के लिए मजबूर किया गया। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में आरोपी शाहिद पर लाठियों से हमला करते और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

रेशम बारी इलाके के रहने वाले शाहिद ने कहा कि वह कई दिनों से मंदिर के पास काम कर रहे हैं और दावा किया कि जिस स्थान पर उन्होंने नमाज़ अदा की वह मंदिर परिसर से दूर है। यह घटना रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान हुई।
घटना के बाद, मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने शाहिद के साथ स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों में से एक पर पहले हत्या का आरोप है और वह वर्तमान में पैरोल पर है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है।
मंदिर प्रबंधक अरविंद शर्मा ने व्यक्त किया कि मंदिर की भूमि पर किसी भी अन्य धर्म से संबंधित गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, भले ही उनके खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई की जाए। इस बीच, शाहिद का मेडिकल परीक्षण चल रहा है, और आगे की कानूनी कार्रवाई शिकायत के आधार पर की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
नगर पार्षद परवेज कुरैशी ने घटना की निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया, इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी व्यक्ति पर हमला करना असहनीय है। उन्होंने कहा कि अगर नमाज़ अदा करने पर कोई आपत्ति थी, तो प्रशासन को सूचित किया जाना चाहिए था। कुरैशी ने निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेता सोफिया नाज़ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ऐसी घटनाएं सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाती हैं और इस बात पर ज़ोर दिया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने हिंसा और जबरन धार्मिक नारे लगवाने की निंदा की, जो संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हैं और शाहिद के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया।
With inputs from PTI












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