• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

मुंबई: अब कहाँ पैसे जमा करेंगी ये 5,000 सेक्स वर्कर

By Bbc Hindi

bbc
BBC
bbc

मुंबई से सटे कमाठीपुरा को भारत का दूसरा सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया कहा जाता है.

पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में मौजूद एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट इलाक़े सोनागाछी के बाद कमाठीपुरा का ही नाम लिया जाता है.

यहाँ क़रीब 5,000 सेक्स वर्कर महिलायें रहती हैं. इन महिलाओं का कहना है कि भारत में सेक्स वर्क चूंकि अवैध है इसलिए उनके जीवन में तमाम तरह की समस्याएं हैं.

समाज में इन महिलाओं की कोई पहचान नहीं है. उनके पास उनके होने का कोई आधिकारिक कागज़ी सबूत नहीं है.

bbc
BBC
bbc

लेकिन अब इन महिलाओं के आगे एक नई परेशानी खड़ी हो गई है. इन महिलाओं के पास अपनी कमाई जमा करने के लिए जो इकलौता बैंक था, वो भी अब बंद हो गया है.

कमाठीपुरा रेड लाइट इलाक़े में रहने वाली पाँच हज़ार सेक्स वर्कर महिलाओं में से ज़्यादातर के पास किसी मुख्यधारा के बैंक में खाता नहीं है.

कुछ सेक्स वर्कर बताती हैं कि खाता खोलने के लिए बैंक वाले उनसे आधार कार्ड और अन्य कागज़ात माँगते हैं और वो कागज़ात उनके पास हैं नहीं. इस वजह से बैंकों की सेवाएं लेना इन महिलाओं के लिए हमेशा एक चुनौती रहा है.


bbc
BBC
bbc

हालांकि कमाठीपुरा रेड लाइट इलाक़े में साल 2007 में एक सहकारी बैंक की स्थापना की गई थी ताकि सेक्स वर्कर महिलाओं की मदद की जा सके.

इसका नाम 'संगिनी विमेन्स को-ऑपरेटिव बैंक' रखा गया था. लेकिन फंडिंग की कमी के कारण बीते साल दिसंबर में ये बैंक बंद हो गया.

सेक्स वर्करों से पैसे लेकर बैंक में जमा करवाने वाली चाँद बी बताती हैं, "यहाँ रहने वाली महिलायें बैंकों में नहीं जाती हैं. कुछ महिलाएं बैंकों में गयी थीं तो उन्हें बैंक वालों ने बेइज़्ज़त किया. अब वो वहां जाने से बचती हैं. बैंक वाले उनसे स्थायी पता पूछते हैं और उसके सबूत लाने को कहते हैं. वो इन ग़रीब महिलाओं के पास हैं नहीं."

bbc
BBC
bbc

संगिनी विमेन्स को-ऑपरेटिव बैंक की स्थापना इन सेक्स वर्करों की इसी समस्या को हल करने के लिए की गई थी.

इस सहकारी बैंक के कुछ संस्थापक सदस्यों ने बताया कि संगिनी बैंक में सिर्फ़ एक तस्वीर के आधार पर इन सेक्स वर्करों के बैंक खाते खोले जाते थे.

बैंक की स्थापना साल 2007 में अमरीका की एक संस्था से फ़ंड लेकर की गई थी. लेकिन साल 2009 में उस संस्था ने फ़ंड देना बंद कर दिया.

इसके बाद इंडिया-800 फ़ाउंडेशन ने बैंक के संचालन की ज़िम्मेदारी ली. लेकिन कुछ वक़्त बाद इंडिया-800 फ़ाउंडेशन संगिनी बैंक से अलग हो गया.

संगिनी बैंक को कोलकाता के सोनागाछी रेड लाइट इलाक़े में चलने वाले उषा को-ऑपरेटिव बैंक की तर्ज़ पर शुरू किया गया था. लेकिन 10 साल में ही इस बैंक ने दम तोड़ दिया.

कई सेक्स वर्कर कहती हैं कि इस बैंक ने पैसे बचाने में उनकी काफी मदद की.

चाँद बी कहती हैं कि संगिनी बैंक में कईयों ने तो 65,000 रुपये से लेकर पाँच लाख रुपये तक जमा कर लिये थे. यहाँ 200 से 2000 रुपये रोज़ कमाने वाली महिलाओं के लिए ये एक बड़ी बचत थी.

सेक्स वर्कर तनुजा ख़ान का भी संगिनी बैंक में खाता था. वो अब अपने पैसों को लेकर चिंता में रहती हैं.


bbc
BBC
bbc

तनुजा ने बताया, "हम जो पैसा कमाते हैं, उसे अब सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है. बैंक बंद होने से हमारी तकलीफ़ बढ़ी है. बिस्तर के पास 500 से हज़ार रुपये रखेंगे तो उन्हें कोई भी ले जायेगा. इसलिए पैसे कहीं इधर-उधर छिपा कर रखने पड़ते हैं."

अन्य महिलाओं का कहना था कि यहाँ से कपड़े और बर्तन तक चोरी हो जाते हैं तो खुले में पैसे कैसे रखे जा सकते हैं.

बहरहाल, बैंक के बंद होने के पीछे मुख्य वहज थी फ़ंड की कमी. इसकी वजह से अब कमाठीपुरा में कई औरतों को भविष्य की चिंता सताने लगी है.

BBC Hindi
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Mumbai Where will the money be deposited these 5000 sex workers
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X