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कौन थे 'सुपरकॉप' हिमांशु रॉय, जिसके नाम से कांपती थी क्राइम की दुनिया

By Amit J
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    मुंबई। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग, जे डे मर्डर केस जैसे हाई प्रोफाइल केस संभालने वाले महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय ने खुदकुशी कर ली है। हिमांशु ने दोपहर 1.40 बजे खुद को अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर खुदकुशी कर ली है। वे अपर पुलिस महासंचालक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पहले वे राज्य आतंकवाद निरोधी दल के प्रमुख थे। उन्होंने मुंबई सहित राज्य के कई शहरों में कार्य किया था। अचानक उनके निधन की खबर से पूरा पुलिस महकमा सदमे में है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हिमांशु रॉय ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।

    IPL स्पॉट फिक्सिंग मामले में रॉय ने किया था बिंदू दारा सिंह को अरेस्ट

    IPL स्पॉट फिक्सिंग मामले में रॉय ने किया था बिंदू दारा सिंह को अरेस्ट

    हिमांशु रॉय 2013 में सबसे पहले स्पॉट लाइट में आए थे, जब उन्होंने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में बिंदू दारा सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा उन्होंने पल्लवी पुकारायस्थ और जे डे हत्याकांड जैसे मामले सुलझाए हैं। राजपुत घर में पैदा हुए हिमांशु रॉय 1988 महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस ऑफिसर थे। मुंबई के रहने वाले और सेंट जेवियर्स में पढ़ाई करने के बाद वे सिविल वे सर्विस में आ गए। उनके पिता कोलाबा में डॉक्टर थे और उनकी पत्नी एक IAS ऑफिसर थीं, जो अब अपनी नौकरी छोड़कर सोशल एक्टिविस्ट है। हिमांशु रॉय का एक लड़का भी है।

    अनीस अंसारी को किया था अरेस्ट

    अनीस अंसारी को किया था अरेस्ट

    जब हिमांशु रॉय आतंकवाद विरोधी दल (एटीएस) का नेतृत्व कर रहे थे, तब उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनीस अंसारी को गिरफ्तार किया था, जो अमेरिकन स्कूल को उड़ाने की योजना बना रहा था। पुलिस में सेवा के लिए बने हिमांशु रॉय का करियर ग्राफ धीरे-धीरे उपर चढ़ा।

    गृहमंत्रालय को लेटर लिखकर ATS चीफ पद से हाथ धो बैठे हिमांशु

    गृहमंत्रालय को लेटर लिखकर ATS चीफ पद से हाथ धो बैठे हिमांशु

    हिमांशु रॉय 2015 में उन पुलिस अधिकारियों में से एक थे, जिन्होंने महाराष्ट्र गृह मंत्रालय को लेटर लिखकर कहा था कि सीनियर्स खराब तरीके से व्यवहार करते हैं और ट्रांसफर में पक्षपात होता है। उसके बाद सरकार ने हिमांशु को किनारे कर दिया था और उसी वक्त उन्हें चीफ एटीएस पद से भी हटा दिया था।

    नासिक के सबसे यंग एसपी से एटीएस तक का सफर

    नासिक के सबसे यंग एसपी से एटीएस तक का सफर

    पुलिस सेवा के लिए बने हिमांशु रॉय का करियर ग्राफ धीरे-धीरे ऊपर चढ़ता गया। 1995 में वे नासिक के सबसे यंग एसपी बने। उसके बाद उन्होंने एसपी अहमदनगर, एसपी अहमदनगर, डीसीपी इकनॉमिक विंग, डीसीपी ट्राफिक, डीसीपी जोन 1 और फिर 2004 से 2007 तक नासिक के पुलिस कमिश्नर के रूप में काम संभाला। 2009 में वे मुंबई ज्वॉइंट पुलिस कमिश्वर बने। मुंबई में पहले साइबर क्राइम सेल को बनाने के लिए हिमांशु राय को पूरा क्रेडिट जाता है। हिमांशु रॉय ने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था कि मुंबई अब 26/11 कभी नहीं झेलेगा।

    यह भी पढ़ें: जांबाज, जिंदादिल पूर्व एटीएस चीफ हिमांशु रॉय ने इसलिए मारी खुद को गोली!

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    English summary
    Mumbai Police Officer killed himself, know who was Himanshu Roy

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