मुंबईः मोनो रेल के परिचालन में हुई देरी तो ठेकेदार को हर दिन के लिए देना होगा 7.50 लाख जुर्माना
मुंबईः मोनों रेलों के ठेकेदारों की अब खैर नहीं। परिचालन में देरी करने वाले ठेकेदारों को अब जुर्माना देना होगा। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने अब फैसला लिया है, जिसके तहत मोनो रेल के दूसरे चरण के परिचालन में अगर देरी होती है तो ठेकेदारों को हर एक दिन की देरी के जुर्माने के लिए 7.50 लाख रुपए देने होंगे। ये फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि ठेकेदार लगातार देरी से परिचालन करते हैं।

देना होगा 7.50 लाख का जुर्माना
एमएमआरडीए ने अपने बयान में साफ किया है कि निर्माण कार्य और परिचालन के ठेकेदारों एल ऐंड टी और स्कॉमी इंटरनैशनल को 1 जनवरी 2018 के बाद अगर देरी होती है तो उसे हर दिन की देरी पर 7.50 लाख रुपये का जुर्माना देना।

MMRDA ने जारी की चेतावनी
उम्मीद जताई जा रही है कि मोनों-1 और मोनो-2 का परिचालन जनवरी महीने के अंत तक किया जाएगा। MMRDA के अतिरिक्त आयुक्त संजय खंडारे का कहना है, 'मोनो-1 (चेंबूर-वडाला) और मोनो-2 (वडाला-जैकब सर्कल) की शुरुआत जनवरी महीने के अंत तक कि जाएगी। इसके लिए रेल सुरक्षा आयुक्त ने दौरा भी किया था। वहीं अगर दूसरे दौरे के लिए मोनो रेल से संबंधित कागजात देने की बात की जाए तो उसके लिए जुर्माना देना होगा, देरी पर।

5 बार वादा आगे की गई है तारीख
दूसरे दौर के लिए संजय खंडारे का कहना है कि जनवरी महीने में जितने भी दिन मोनो सेवा का परिचालन नहीं होगा, उनमें से हर दिन के लिए ठेकदारों से 7.50 लाख रुपये जुर्माना MMRDA वसूलेगा।' बता दें, मोनो-2 चलाने के लिए दिसंबर 2010 की तारीख तय की गई थी लेकिन उसके बाद 15 बार वादा करके तारीख को आगे कर दिया गया है।

दूसरे चरण को साल 2015 में शुरू किया जाना था
मोनों रेल के दूसरे चरण का परिचालन साल 2015 में शुरू किया जाना था। वहीं साल 2018 तक तारीख आगे खिसकती गई। इस महीने की तारीख को शामिल कर लें, तो अब तक मोनो के दूसरे चरण की शुरुआत के लिए MMRDA ने 15 बार समय-सीमा लांघी है।












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