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2021 तक फांसी टालना चाहता है निर्भया का हत्यारा मुकेश सिंह, दायर की नई याचिका!

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बेंगलुरू। निर्भया गैंगरेप मामले में फांसी की सजा पाए चारों दोषियों में से एक मुकेश सिंह, जिसने निर्भया की हत्या को अंजाम दिया था, उसे जुलाई, 2021 तक क्यूरेटिव और दया याचिका दाखिल करने की अनुमति चाहता है। फांसी की सजा पाए चारों दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने दावा किया है कि उपचारात्मक और दया याचिकाओं पर हस्ताक्षर करने के लिए कोर्ट द्वारा नियुक्त कानूनी सलाहकार वृंदा ग्रोवर ने जबरन मजबूर किया था।

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    दोषी मुकेश सिंह ने दावा किया है कि है कि वकील वृंदा ग्रोवर ने झूठे तरीके से उसे जानकारी दी कि अदालती आदेशों के तहत उसे 7 जनवरी को डेथ वारंट जारी होने 7 दिनों के अंदर एक क्यूरेटिव याचिका दाखिल करनी थी। दोषी मुकेश सिंह का आरोप है कि उसके वकील मनोहर लाल शर्मा ने उसे गुमराह किया था।

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    वकील के माध्यम से दायर याचिका में मुकेश सिंह ने आरोप लगाया है कि केन्द्र , दिल्ली सरकार और न्याय मित्र की भूमिका निभाने वाली अधिवक्ता वृन्दा ग्रोवर ने उसके साथ 'आपराधिक साजिश' रची और 'छल' किया है, जिसकी सीबीआई से जांच करायी जानी चाहिए।

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    दोषी मुकेश सिंह की नई याचिका में दावा किया गया है कि पुनर्विचार याचिका खारिज होने की तारीख से तीन साल के भीतर सुधारात्मक याचिका दायर की जा सकती है और इसलिए उसे उपलब्ध कानूनी उपाय बहाल किये जायें तथा जुलाई, 2021 तक उसे सुधारात्मक याचिका और दया याचिका दायर करने की अनुमति दी जाए।

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    एक मीडिया वेबसाइट पर प्रकाशित खबर के अनुसार, अधिवक्ता एमएल शर्मा के माध्यम से दायर याचिका में मुकेश सिंह ने दया याचिका दायर करने की तारीख से तीन साल पहले क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने की सीमा अवधि का दावा किया है। उसकी रिव्यू पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई, 2018 में ही खारिज कर दिया था।

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    अब मुकेश सिंह कोर्ट से कह रहा है कि उसे उपलब्ध अधिकारों को बहाल करने के लिए और उसे जुलाई, 2021 क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका दायर करने की अनुमति दी जाए।

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    बताया जाता है कि दोषी मुकेश सिंह के परिवार ने पहले एमएल शर्मा को अपने वकील के रूप में हटा दिया था, लेकिन गुरुवार को जब वे वकालतनामा के साथ पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए, तो उन्हें दोबारा अपना वकील नियुक्त कर लिया। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान वकील शर्मा ने वृंदा ग्रोवर के खिलाफ तर्क दिया, लेकिन अदालत ने उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं करने की चेतावनी दी।

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    गौरतलब है गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत ने मुकेश सिंह समेत निर्भया कांड के चारों दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी किया है और उन्हें 20 मार्च को उन्हें फांसी देने की तारीख मुकर्रर की है। माना जा रहा है कि चौथे डेथ वारेंट यानी 20 मार्च को जारी डेथ वारेंट के दिन सुबह 5:30 बजे चारो दोषियों को एक साथ फांसी पर चढ़ा दिया जाएगा, क्योंकि चारों के पास अब सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं।

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    बलात्कार के लिए पुरुषों से ज्यादा जिम्मेदार महिलाएं होती हैं?

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    एक बयान में मुकेश सिंह ने महिलाओं के बारे में अपनी छोटी और सतही सोच का परिचय देते हुए कहा था,‘शालीन महिलाओं को रात में नौ बजे के बाद घर से बाहर नहीं घूमना चाहिए। दुष्कर्म के लिए लड़की हमेशा लड़के से ज्यादा जिम्मेदार होती है, लड़का और लड़की बराबर नहीं हैं। लड़की को घर का काम करना चाहिए, न कि रात को डिस्को या बार में जाकर गलत काम करने और खराब कपड़े पहनने चाहिए'

    दुष्कर्म के वक्त निर्भया को विरोध नहीं करना चाहिए था?

    दुष्कर्म के वक्त निर्भया को विरोध नहीं करना चाहिए था?

    ‘निर्भया' के साथ गैंगरेप और मर्डर का दोषी मुकेश ने उसी इंटरव्यू मे कहा था कि दुष्कर्म के वक्त उसे (निर्भया को) विरोध नहीं करना चाहिए था बल्कि उसे चुपचाप दुष्कर्म होने देना चाहिए था। अगर ऐसा होता तो हम उसे बिना कोई नुकसान पहुंचाए छोड़ देते, और सिर्फ उसके दोस्त की पिटाई की जाती। मुकेश सिंह की सतही सोच और महिलाओं के प्रति उसकी रूढ़िवादिता का परिणाम ही कहेंगे कि गत 16 दिसंबर, 2012 की रात मुकेश सिंह वह दरिंदा था, जिसने गैंगरेप की वारदात के बाद निर्भया को अधमरा किया था, जिससे पीड़िता 13 दिन इलाज के बाद बचाई नहीं जा सकी।

    अलग अलग फांसी देने की केंद्र की मांग पर 23 मार्च को है सुनवाई

    अलग अलग फांसी देने की केंद्र की मांग पर 23 मार्च को है सुनवाई

    निर्भया के दोषियों को अलग अलग फांसी देने की केंद्र की मांग पर सुप्रीम कोर्ट 23 मार्च को अगली सुनवाई करेगा। गृह मंत्रालय ने तिहाड़ जेल की गाइडलाइन में बदलाव को लेकर याचिका दायर की है।

    निर्भया के चारो दोषियों को मिली है अभी 14 दिनों की मोहलत

    निर्भया के चारो दोषियों को मिली है अभी 14 दिनों की मोहलत

    इससे पहले निर्भया के गुनहगार पवन ने अपने आखिरी कानूनी विकल्प को अपनाते हुए दया याचिका दाखिल की थी। इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दया याचिका खारिज कर दी थी। इस दया याचिका खारिज होने के बाद कोर्ट ने चौथा डेथ वॉरंट जारी कर दिया। नियमों के अनुसार, दया याचिका खारिज होने के बाद भी दोषी को फांसी पर लटकाने से पहले 14 दिन का वक्त मिलता है. इस वजह से फांसी की तारीख 20 मार्च तय की गई है.

    अभी तक तिहाड़ में एक साथ चार दोषियों को फांसी नहीं मिली

    अभी तक तिहाड़ में एक साथ चार दोषियों को फांसी नहीं मिली

    तिहाड़ जेल में इससे पहले कभी भी एक साथ चार दोषियों को फांसी नहीं दी गई है। आखिरी बार 31 जनवरी 1982 में रंगा-बिल्ला को एक साथ फांसी दी गई थी। जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि तिहाड़ प्रशासन एक साथ चार दोषियों को फांसी देने को लेकर तैयारी कर रहा है। इससे पहले पुणे के यड़बड़ा जेल में वर्ष 1983 में दस लोगों की हत्या के चार दोषियों को एक साथ फांसी दी गई थी।

    दोषी फांसी से बचने के लिए लगातार जेल में साजिश रच रहे थे

    दोषी फांसी से बचने के लिए लगातार जेल में साजिश रच रहे थे

    खबर थी कि निर्भया के गुनहगार जेल में आपराधिक वारदात की साजिश रच रहे हैं। उनकी कोशिश खुद पर नया आपराधिक केस दर्ज करवाने की है, ताकि फांसी की सजा पर अमल टाला जा सके। नया केस दर्ज हुआ तो उसके लंबित रहने तक इन्हें फांसी नहीं दी जा सकेगी। जेल नंबर 2 में बंद तीन दोषियों अक्षय, मुकेश और पवन की इस साजिश की भनक जेल प्रशासन को लग चुकी है। जेल नंबर दो के अधीक्षक ने जेल मुख्यालय को पत्र भेजकर इससे अवगत करवाया है। साथ ही उन्होंने तीनों दोषियों को हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट करने की इजाजत मांगी है।

    16 दिसंबर, 2012 में निर्भया से चलती बस में हुआ था गैंगरेप

    16 दिसंबर, 2012 में निर्भया से चलती बस में हुआ था गैंगरेप

    दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 की रात 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में गैंगरेप हुआ था और दोषियों ने उसके साथ अमानवीय तरीके से मारपीट की थी। छात्रा ने 29 दिसंबर 2012 को दम तोड़ दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दोषी मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को फांसी की सजा सुनाई थी। एक अन्य दोषी रामसिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।

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    English summary
    On Thursday, a Delhi court issued a new death warrant for the four convicts of the Nirbhaya incident, including Mukesh Singh, and fixed the date for hanging them on March 20. It is believed that the four convicts will be hanged together at 5:30 am on the day of the 4th Death Warrant, which is released on March 20, as the four have now exhausted all legal options.
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