'जो खामोशियों को ना समझे, वो शब्दों को क्या समझेंगे', कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने किस पर साधा निशाना?
MP Manish Tewari: ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में चल रही बहस जहां नरेंद्र मोदी सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती बनी हुई है, वहीं कांग्रेस पार्टी के भीतर के मतभेद भी खुलकर सामने आ रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में चल रही बहस के बीच कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
शशि थरूर तेज-तर्रार वक्ता को बहस में बोलने का मौका न दिए जाने पर सवाल उठ ही रहे थे कि इस बीच कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी को और असहज कर दिया है।

कांग्रेस पार्टी के अंदर का असंतोष अब बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी दौरान मनीष तिवारी के एक ट्वीट ने कांग्रेस को और मुश्किल में डाल दिया है। जबकि शशि थरूर का "मौनव्रत" वाला जवाब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस अंदरूनी खींचतान ने बीजेपी को कांग्रेस पर हमला करने का नया मौका दे दिया है।
मनीष तिवारी का गीत भरा ट्वीट
चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने आज एक्स (पहले ट्विटर) पर एक स्क्रीनशॉट साझा किया। इसमें यह बताया गया था कि उन्हें और शशि थरूर को बहस में क्यों नहीं बोलने दिया गया। इसके साथ ही तिवारी ने फिल्म पूरब और पश्चिम के मशहूर देशभक्ति गीत की पंक्तियां लिखीं- "है प्रीत जहाँ की रीत सदा, मैं गीत वहाँ के गाता हूँ, भारत का रहने वाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँ। जय हिंद।"
है प्रीत जहां की रीत सदा
मैं गीत वहां के गाता हूं
भारत का रहने वाला हूं
भारत की बात सुनाता हूं
Hai preet jahaan ki reet sada
Main geet wahaan ke gaata hoon
Bharat ka rehne waala hoon
Bharat ki baat sunata hoon- Jai Hind pic.twitter.com/tP5VjiH2aD
— Manish Tewari (@ManishTewari) July 29, 2025
इसके साथ ही उन्होंने अपनी एक तस्वीर साझा की है जिसके बैकग्राउंड में तिरंगा नजर आ रहा है साथ ही एक अंग्रेजी न्यूज आर्टिकल का कटआउट भी उन्होंने शेयर किया है।
क्यों नहीं मिले बहस के लिए नाम
सूत्रों के मुताबिक, मनीष तिवारी और शशि थरूर दोनों ही उन प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा थे जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश भेजे गए थे। पार्टी को आशंका थी कि ये नेता सरकार पर उतना तीखा हमला नहीं कर पाएंगे, जितना कांग्रेस चाहती है। यही वजह बताई जा रही है कि दोनों को बहस के वक्त बोलने का मौका नहीं दिया गया।
तिवारी ने दोहराई अंग्रेजी कहावत
मनीष तिवारी ने भी एक और पोस्ट कर कहा, "अंग्रेजी में एक कहावत है- 'अगर आप मेरी खामोशी नहीं समझ सकते, तो आप मेरे शब्द भी कभी नहीं समझ पाएंगे।'" इस पूरी बहस के बीच कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं क्योंकि विपक्ष को घेरने के बजाय पार्टी की अंदरूनी खींचतान अब सार्वजनिक हो रही है।
#WATCH | On his tweet, Congress MP Manish Tewari says, "There is a saying in English- 'If you don't understand my silences, you will never understand my words'. " pic.twitter.com/r1MsSt4wgZ
— ANI (@ANI) July 29, 2025
थरूर का 'मौनव्रत' वाला जवाब
जब मीडिया ने संसद के बाहर शशि थरूर से पूछा कि उन्हें बहस में क्यों नहीं बोलने दिया गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "मौनव्रत" यानी "चुप रहने की प्रतिज्ञा"। सूत्रों के अनुसार, थरूर पार्टी की लाइन के खिलाफ जाकर सरकार पर हमला नहीं करना चाहते थे। उन्होंने कहा था कि वे "सिर्फ पार्टी संदेश के लिए खुद को विरोधाभासी नहीं बनाएंगे।"
थरूर के बयानों से असहज कांग्रेस
पिछले कुछ समय से शशि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच तल्खी देखी जा रही है। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद थरूर ने कहा था, "मेरी पहली निष्ठा देश के प्रति है। राजनीतिक पार्टियां देश को बेहतर बनाने का जरिया हैं और हर पार्टी का उद्देश्य अपने तरीके से एक बेहतर भारत बनाना है।"
बीजेपी ने साधा कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस के इस अंदरूनी विवाद पर बीजेपी ने तुरंत राजनीतिक हमला बोल दिया। बीजेपी नेता बैजयंत जय पांडा ने कहा, "कांग्रेस पार्टी अपने ही नेताओं को बोलने नहीं दे रही है। मेरे मित्र शशि थरूर जी अच्छे वक्ता हैं, लेकिन उनकी ही पार्टी उन्हें मंच नहीं देती।"
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