Fighter Pilot Mohana Singh: कौन हैं मोहना सिंह? जो LCA तेजस लड़ाकू बेड़े में बनीं पहली महिला फाइटर पायलट
Who is Fighter Pilot Mohana Singh: भारतीय वायुसेना की महिला फाइटर पायलटों में से एक मोहना सिंह ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस लड़ाकू विमान के स्क्वाड्रन (एक सैन्य इकाई) में शामिल होकर एक नया इतिहास रच दिया है। वह 18 'फ्लाइंग बुलेट्स' स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट हैं, जो स्वदेशी रूप से निर्मित LCA तेजस लड़ाकू विमान का संचालन करता है।
यह भारत के 'मेक इन इंडिया' पहल का एक प्रमुख प्रतीक है, जिसमें स्वदेशी तकनीक और कौशल का इस्तेमाल किया गया है। मोहना की रगो में योद्धाओं का खून बह रहा है। आइए आपको रूबरू कराते हैं मोहना सिंह से...

रगों में दौर रहा वीर योद्धाओं का खून
मोहना सिंह के पिता प्रताप सिंह वायुसेना में वारंट ऑफिसर के तौर पर कार्यरत हैं। वहीं, दादा लाडू राम जाट 1948 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हो गए थे और उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। वे एविएशन रिसर्च सेंटर में भारतीय वायुसेना में फ्लाइट गनी के तौर पर तैनात थे।
साल 2020 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह ने पीएम मोदी को अपनी प्रेरणा के बारे में बताया था। मोहना सिंह ने बताया था कि मेरे पिता और दादा दोनों ने भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दी हैं। बचपन से जब उन्हें यूनिफॉर्म में देखती थी, तो एक ही सपना होता था कि किसी दिन हम भी यूनिफॉर्म पहनकर रौब में चलेंगे।
झुंझुनू में जन्म, दिल्ली और अमृतसर से पढ़ाई
राजस्थान के झुंझुनू के खतेहपुरा में मोहना सिंह जीत का जन्म 22 जनवरी 1992 में हुआ था। इन्होंने अपनी पढ़ाई एयर फोर्स स्कूल नई दिल्ली से की। इसके बाद, उन्होंने अमृतसर के ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। मोहना के गांव में फौजी बनने को किसी और चीज से ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है।
मोहना की निगरानी में भारत की सुरक्षा
मोहना सिंह पहले मिग-21 लड़ाकू विमान उड़ा रही थीं। हाल ही में उन्हें गुजरात सेक्टर के नलिया एयरबेस में एलसीए स्क्वाड्रन में तैनात किया गया है, जो पाकिस्तान की सीमा के नजदीक है। यह तैनाती भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
2016 में भी रचा था मोहना ने इतिहास
मोहना सिंह 2016 में इतिहास रचने वाली तीन पहली महिला लड़ाकू पायलटों में शामिल थीं। उनके साथ भावना कंठ और अवनी चतुर्वेदी भी शामिल थीं, जिन्हें पहली बार लड़ाकू जेट उड़ाने की अनुमति दी गई थी। यह कदम भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था, क्योंकि 2016 से पहले महिलाओं को केवल हेलीकॉप्टर और परिवहन विमान उड़ाने की अनुमति थी।
हाल ही में, 'तरंग शक्ति' अभ्यास में, मोहना सिंह ने जोधपुर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इस अभ्यास में तीनों सेनाओं के तीन उप-प्रमुखों की ऐतिहासिक उड़ान में हिस्सा लिया, जहां वह एलसीए तेजस की उड़ान के दौरान सेना और नौसेना के उप प्रमुखों को निर्देशित कर रही थीं।
मोहना सिंह की दक्षता के बारे में एक नजर
मोहना के प्रशिक्षण में हवा से हवा में और हवा से जमीन में लड़ाकू मिशन के दौरान उड़ान भरना शामिल है। उन्होंने कई प्रशिक्षण मिशन पूरे किए हैं। जिनमें रॉकेट, तोप के गोले और हाई क्षमता वाले बमों को गिराना शामिल है। मोहना सिंह के पास 500 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव है, जिनमें 380 घंटे हॉक एक के 132 जेट की उड़ान शामिल है। मोहना सिंह दिन में हॉक एडवांस जेट में मिशन को अंजाम देने की काबिलियत रखती हैं।












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