एक सिपाही के जवाब ने प्रधानमंत्री को सोचने पर किया मजबूर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत अभियान के शुरुआत की थी तो उन्हें शायद इसका एहसान नहीं रहा होगा कि उनकी सुरक्षा के चलते भी गंदगी एक कारण बन रही है। जी हां महात्मा गांधी की जयंती के मौके जब प्रधानमंत्री दिल्ली के पुलिस स्टेशन पर सफाई करने पहुंचे तो पुलिस के सिपाही ने प्रधानमंत्री को ऐसा जवाब दिया कि उन्हें अपनी सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों की संख्या को कम करने पर सोचना पड़ा।

स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत के मौके पर पुलिस स्टेशन पहुंचक जब प्रधानमंत्री ने सिपाही से पूछा कि पुलिस स्टेशन को साफ क्यों नहीं रखते हो तो सिपाही ने बड़ी निर्भीकता से जवाब दिया कि ज्यादातर पुलिस वाले आपके रूट की सुरक्षा में लगे रहते हैं। ऐसे में पुलिस स्टेशन को साफ करने का समय किसी को नहीं मिलता। इस जवाब को सुनने के बाद प्रधानमंत्री सीधे राजघाट के लिए रवाना हो गये। लेकिन इस जवाब ने कहीं न कहीं प्रधानमंत्री को अपनी सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों की संख्या को कम करने पर विचार करने को मजबूर किया।
दरअसल प्रधानमंत्री दिल्ली में जिन रास्तों से गुजरते हैं वहां हर बैरिकेडिंग पर तकरीबन पचास पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इस वाकये के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिल्ली पुलिस से इस मामले में बात की। इसके बाद 3 अक्टूबर को प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिल्ली पुलिस को प्रधानमंत्री के रूट की सुरक्षा में आवश्यकतानुसार ही पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया।












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