क्या अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता बहाल हो जाएगी?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश की सर्वोच्च न्यायालय से आज बड़ी राहत मिली है। 'सारे मोदी चोर हैं" वाले बयान से संबंधित केस में निचली अदालत द्वारा दी गई दो साल की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को इस केस में अधिकतम सजा सुनाए जाने पर सवाल भी उठाया है।
राहुल गांधी की दो साल की जेल की सजा पर अब जब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अब राहुल गांधी लोकसभा में सदस्यता बहाल हो जाएगी? क्या राहुल गांधी 2024 में होने वाला लोकसभा चुनाव लड़ पाएंगे? आइए जानते हैं क्या कहता है कानून?

जानें क्यों दी गई थी राहुल गांधी को दो साल की सजा
राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव प्रचार के दौरान कर्नाटक के कोलार जिले में एक रैली के दौरान ये मोदी सरनेम को लेकर विवादित बयान दिया था। वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कथित तौर पर 'सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों है?' जिसके बाद सूरत में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत केस दर्ज किया गया था। धारा 499 में आपराधिक मानहानि के मामलों में अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है।
कोर्ट ने मानहानि केस में सुनाई थी दो साल की सजा
इस केस पर सुनवाई करते हुए गुजरात की सूरत सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की अधिकतम सजा सुनाई थी। हालांकि उसी दिन राहुल गांधी को इस केस में अंतरिम जमानत भी मिल गई थी। इसके साथ ही राहुल गांधी को सजा के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिनों का समय दिया था। सजा के बाद राहुल गांधी की इस कानून के तहत सांसदी छिन गई थी।
इस कानून के तहत छिन गई थी लोकसभा की सदस्यता
इसके बाद राहुल गांधी को मुचकले के आधार पर जनप्रतिनिधि कानून के तहत उनकी सदस्यता लोकसभा से रद्द कर दी थी। ये वो काूनन है जिसमें अगर सांसदों और विधायकों को किसी भी मामले में 2 साल या उससे ज्यादा की सजा हुई हो तो ऐसे में उनकी सदस्यता संसद और विधानसभा से सामाप्त हो जाती है।
क्या राहुल गांधी की सांसदी होगी बहाल?
कानून के जानकारों के अनुसार जनप्रतिनिधि काूनन दो साल की सजा पर ही लागू होता है, एक दिन से भी कम अगर सजा होगी तो ये काननू लागू नहीं होता है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा से सदस्तता बहाल हो सकती है। कानून के अनुसार अंतरिम रोक के बावजूद उनकी सदस्यता बहाल हो जाएगी।
राहुल गांधी को सदस्यता बहाल करवाने के लिए क्या करना होगा?
हालांकि सदस्यता तुरंत बहाल नहीं होगी इसके लिए राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सजा पर लगाई गई रोक का हवाला देकर आवेदन करना होगा इसके बाद उनकी लोकसभा की सदस्यता फिर से बहाल हो सकेगी। राहुल गांधी के इस आवेदन पर लोकसभा सचिवालय के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन करेंगे और तब राहुल गांधी की लोकसभा से सदस्यता को बहाल करने का आदेश करेंगे। हालांकि इसके लिए समय सीमा की कोई बाध्यता नहीं है।
पहले लक्ष्यद्वीप के सांसद को मिल चुकी है राहत
लक्ष्यद्वीप के एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल को कांग्रेस नेता समेत पूर्व केंद्रीय मंत्री पर हमला करने के आरोप में लक्षद्वीप कोर्ट ने दस साल सुनाई थी जिसके बाद उनकी लोकसभा से सदस्तता छिन गई थी। यहां तक कि चुनाव आयोग ने फैजल के निर्वाचन क्षेत्र पर उपचुनावी करवाने का ऐलान कर दिया था लेकिन मार्च महीने में केरल हाईकोर्ट ने उसकी सजा पर रोक लगा दी जिसके बाद उनकी सदस्यता बहाल हो गई थी।
क्या लड़ सकेंगे 2024 का लोकसभा चुनाव
सुप्रीम कोर्ट ने अभी राहुल गांधी की सजा पर अंतरिम रोक लगाई है अगर आगे सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्सयालय भी दो साल की सजा सुनाता है तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी अगला आम चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होंगे। इसके अलावा बेगुनाह साबित होते हैं या दो साल से कम की सजा होती है तो राहुल गांधी लोकसभा चुनाव लड़ सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक लगाते हुए क्या कहा?
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राहुल गांधी की सजा पर अंतरिकम रोक लगाते हुए निलची अदालत से ये सवाल किया कि इस मामले में राहुल गांधी को अधिकतम सजा क्यों दी गई? सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा अगर 1 साल 11 महीने की सजा दी होती तो वो (राहुल गांधी) अयोग्य नहीं ठहराए जाते।












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