नोटबंदी पर हंगामा: पीएम मोदी ने मंत्रियों संग आधी रात की उच्चस्तरीय बैठक
सरकार की ओर से लोगों के बीच नकदी की समस्या दूर के लिए पैसे निकालने की सीमा में इजाफा कर दिया गया है।
नई दिल्ली। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के बाद जिस तरह से देश में नकदी की कमी से लोगों को परेशानी हो रही है। इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक की।

प्रधानमंत्री आवास पर हुई अहम बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतृत्व में आधी रात के बाद आयोजित इस बैठक में नोटबंदी के बाद हालात और इसके असर पर चर्चा की गई।
ये बैठक प्रधानमंत्री आवास पर हुई जिसमें गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, सूचना प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू, विद्युत, कोयला और खान मंत्री पीयूष गोयल समेत वित्त विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

नोटबंदी के फैसले का क्या हो रहा असर?
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुई इस बैठक का एजेंडा था कि जिस तरह से अचानक 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए गए उसके बाद से लोगों को नकदी की समस्या से परेशान होना पड़ रहा है।
सरकार के अचानक लिए गए इस फैसले का असर ये हो रहा कि बैंकों और एटीएम के बाहर लाइनें लग रही हैं। हालात ऐसे हो रहे हैं कि सरकार के इस फैसले के बाद कई जगह पर झगड़े, विवाद और हंगामा भी देखने को मिला है। इन्हीं बातों पर विचार के लिए और सरकार की ओर से जरूरी कदम उठाने के मकसद से ये बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नकदी को लोगों तक पहुंचाने के लिए उठाए गए कई कदम
500 और 1000 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध के बाद बैठक में नए 500 और 2000 के नोट लोगों के बीच पहुंचाने की कवायद तेजी से शुरू करने की कोशिश पर जोर दिया गया। सरकार की ओर से लोगों के बीच नकदी की समस्या दूर के लिए पैसे निकालने की सीमा में इजाफा कर दिया गया।
जहां पहले 4000 रुपये रोजाना निकालने की सुविधा जनता को सरकार की ओर से दी गई थी। अब सरकार ने इसमें संशोधन करके रोजाना 4500 रुपये निकालने की सुविधा लोगों को दी है। वहीं बात अगर एटीएम की करें तो जहां पहले एटीएम से 2000 रुपये निकालने की सुविधा थी उसकी जगह अब इसे बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है।

बैठक में राजनाथ, अरुण जेटली पीयूष गोयल हुए शामिल
वहीं बात करें पैसे निकालने की साप्ताहिक सीमा कि तो बैंक काउंटर से पहले 20 हजार रुपये निकाले जा सकते थे। जिसे सरकार ने बढ़ाकर 24 हजार कर दिया है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति दिन निकालने के फैसले को हटा दिया गया है।
वित्तीय मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न बैंकों और डाक घरों में नकदी के भेजे जाने और उसकी उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने इस पूरी स्थिति को पहले समझा और फिर हमें कुछ जरूरी कदम उठाने के लिए कहा जिससे कि नकदी की सप्लाई और आसान हो सके।

बैठक में कई अहम बिंदुओं पर हुई चर्चा
बैंकों को सलाह दी गई है कि कम से कम 50 हजार रुपये तक कैश लिमिट बढ़ाएं। एटीएम से लोगों को आसानी से नई नोट मिल सके इसके लिए खास रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। बाकायदा इसके लिए टास्क फोर्स बनाकर इस पर काम करने पर जोर दिया गया है।
अधिक आबादी वाले इलाकों में माइक्रो एटीएम लगाए जाएंगे। वहीं 500 और 1000 के रुपये के नोट स्वीकार किए जाने की आखिरी तारीख 14 नवंबर से बढ़ाकर 24 नवंबर मध्य रात्रि कर दिया गया है। इसके अलावा बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था के साथ-साथ उनके लिए भी अलग लाइन की व्यवस्था की जाएगी जो पुराने नोटों को बदलने के लिए बैंक आए हैं।












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