हिट एंड रन केस में आ रहा है नया कानून, 10 साल तक की हो सकती है सजा, लापरवाही से गाड़ी चलाई तो...
Hit and Run Law: केंद्रीय गृह अमित शाह ने भारतीय कानूनों में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है। इन्हीं प्रस्तावों में हिट एंड रन के मामलों को रोकने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने दोषी ड्राइवरों के लिए 10 साल तक की जेल की सजा और जुर्माने का एक नया प्रावधान प्रस्तावित किया है।
अब सड़क दुर्घटना के बाद वाहन चालक हादसे के बाद मौके से फरार होकर नहीं भाग सकता है। नए कानून के प्रावधानों के तहत वाहन चालक को पुलिस को सूचना देनी ही होगी वरना फिर कम से कम दस साल कैद हो सकती है ।

भारतीय न्याय संहिता विधेयक, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita Bill) के तहत अगर आरोपी घटनास्थल से भाग जाता है या घटना के तुरंत बाद पुलिस या मजिस्ट्रेट को घटना की रिपोर्ट करने में विफल रहता है तो ऐसे में दोषी के लिए हिट एंड रन केस में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
फिलहाल भारतीय दंड संहिता (IPC) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। हिट एंड रन मामले वे होते हैं जहां सड़क दुर्घटना का कारण बनने वाले वाहन का चालक घटनास्थल से भाग जाता है।
आईपीसी की जगह लेने के लिए 11 अगस्त को लोकसभा में पेश की गई भारतीय न्याय संहिता में लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुई मौत के लिए जेल की सजा को बढ़ाकर सात साल तक की जेल और जुर्माना करने का भी प्रस्ताव किया गया है। ये अपराध गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है। आईपीसी की धारा 304 A के तहत मौजूदा प्रावधान, जो "दो साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों" का प्रावधान है।
इस नए प्रस्तावना से गलती करने वाले ड्राइवर सर्तक हो जाएंगे, जो अक्सर जुर्माना देकर बच जाते हैं या कम जेल की सजा काटते हैं। वर्तमान में, हिट एंड रन मामलों में आरोपियों पर उनकी पहचान के बाद धारा 304A के तहत मुकदमा चलाया जाता है और इसलिए वे ज्यादातर मामलों में मामूली सजा के साथ बच जाते हैं।
नए कानून में अब हिट एंड रन धारा 104 (2) में
भारतीय न्याय संहिता विधेयक, 2023 के नए प्रस्तावना में धारा 104 (2) हिट एंड रन को संबोधित करता है। नए प्रावधान का परिचय देते हुए, प्रस्तावित कानून कहता है, ''जो कोई लापरवाही से या गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आने वाले किसी भी व्यक्ति की मौत का कारण बनता है और घटना स्थल से भाग जाता है या घटना की रिपोर्ट करने में विफल रहता है घटना के तुरंत बाद पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को 10 साल तक की कैद की सजा दी जाएगी और जुर्माना भी देना होगा।''
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2018 से 2021 के बीच चार वर्षों में भारतीय सड़कों पर हिट एंड रन के मामलों में कुल एक लाख से ज्यादा लोग मारे गए।












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