गुरुग्राम: MNC-IT-BPO कर्मचारियों को जुलाई तक करना पड़ सकता है घर से काम
नई दिल्ली- कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से जिन लाखों कर्मचारियों को घरों से ही रहकर काम करना पड़ रहा है उनके लिए बहुत बड़ा संकेत सामने आया है। ये संकेत राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम के सबसे बड़े अधिकारी की ओर से आए हैं। गुरुग्राम के मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ ने कहा है कि जो हालात दिख रहे हैं उससे लगता है कि जो कंपनियां अपने कर्मचारियों को घरों से काम करने का मौका दे रही हैं, उन्हें जुलाई के अंत तक यही सिस्टम जारी रखना होगा। क्योंकि, कोरोना वायरस ऐसी बीमारी है, जिसमें हालात कबतक सामान्य होंगे इसके बारे कोई भी दावे से कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।

जुलाई के अंत तक करना पड़ सकता 'वर्क फ्रॉम होम'
मल्टी नेशनल कंपनियों, बीपीओ और आईटी क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को अपने कर्मचारियों जुलाई महीने के अंत तक घर से काम करने की इजाजत देनी पड़ सकती है। ये संभावना गुरुग्राम के मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ वीएस कुंडु ने जताई है। कुंडु हरियाणा के एडिश्नल चीफ सेक्रेटरी भी हैं। उनके मुताबिक डीएलएफ समेत कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को सोशल डिस्टेंसिंग के नॉर्म्स का पालन करते हुए कंस्ट्रक्शन शुरू करने की अनुमति दी गई है। गुरुग्राम जिला प्रशासन ने मार्च के मध्य में एमएनसी,बीपीओ और आईटी कंपनियों, कॉर्पोरेट कंपनियों और उद्योगों से कहा था कि जितना संभव हो सके वे अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट दें। अब कुंडु का कहना है कि यही एडाइजरी आगे भी जारी रखी जा सकती है।

जहां संभव है 'वर्क फ्रॉम होम' है बेहतर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक भाग गुरुग्राम की पहचान मिलेनियम सिटी के रूप में भी होती है। क्योंकि यहां कई बीपीओ, एमएनसी और इंफोसिस, जेनपैक्ट, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी आईटी कंपनियां का बड़ा कारोबार है। वीएस कुंडु ने कहा, 'अभी तो लग रहा है कि वर्क फ्रॉम होम की ये एडवाइजरी जुलाई के अंत तक जारी रहेगी। जिनका भी दफ्तर गुरुग्राम में है उन्हें हर संभव घर से ही काम करते रहना चाहिए।'कुंडु के पास गुरुग्राम जिले में कोविड-19 संकट से निपटने की भी जिम्मेदारी है और उन्होंने सभी कंपनियों को सलाह दी है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी घर से ही काम करते रहें। हालांकि, उन्होंने माना की उद्योगों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ऐसा करना संभव नहीं होगा, लेकिन जहां भी मुमकिन है वहां इसकी कोशिश होती रहनी चाहिए।

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का भी बड़ा हब है गुरुग्राम
गुरुग्राम के मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ ने बताया कि जीएमडीए और एनएचएआई के कुछ कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम शुरू करने की इजाज दे दी गई है। उन्होंने कहा, 'जिस कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूर पहले से रह रहे हैं या जहां तक मजदूर पैदल चलकर पहुंच सकते हैं, उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए काम शुरू करने की इजाजत दी गई है।' उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की प्रकृति को देखते हुए कोई नहीं जानता है कि पुराने वाले हालात कब बनेंगे या हमें एक नए हालात को स्वीकारना होगा। बता दें कि गुरुग्राम बड़ी कंपनियों का कॉर्पोरेट हब तो है ही साथ ही ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का भी बहुत बड़ा हब है।

गुरुग्राम में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में
उन्होंने अभी तक गुरुग्राम में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले से निपटने को लेकर संतुष्टि जताई है और कहा कि यहां कम्युनिटी ट्रांसमिशन के कोई सबूत नहीं मिले हैं। बता दें कि गुरुग्राम में राष्ट्रीय लॉकडाउन से भी पहले से ही यानि जनता कर्फ्यू वाले दिन से ही लॉकडाउन है। गुरुग्राम में अबतक कोरोना संक्रमण के 51 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 35 ठीक हो चुके हैं। इसे हरियाणा के नूह, पलवल और फरीदाबाद समेत कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित जोन में शामिल किया गया है। रविवार तक हरियाणा में कुल 289 सामने आ चुके हैं, जिनमें से 176 को छुट्टी भी मिल चुकी है।












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