Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Happiest State: देश का यह राज्य सबसे खुशहाल, जानिए ताजा स्टडी रिपोर्ट में क्या बताया?

Happiest State: भारत के 'सबसे खुशहाल' राज्य को लेकर एक ताजा स्टडी सामने आई है, जिसमें कई मापदंड़ों को लेकर देश के सबसे खुशहाल राज्य के बारे में बताया है।

Happiest State

भारत विभिन्नताओं में एकता वाला देश है। हर राज्य की अपनी अलग भाषा है। अलग-अलग परंपराओं के बाद भी पूरा देश एक सूत्र में बंधा हुआ है। इन सब के बीच एक स्टडी में देश के सबसे खुशहाल राज्य के बारे में बताया गया है।

यह राज्य सबसे खुशहाल

भारत का हर राज्य खूबसूरत है। हर प्रदेश की अपनी एक अलग कहानी और संस्कृति है। इसी में से एक है उत्तर-पूर्वी राज्य मिजोरम, जो ना सिर्फ खूबसूरत है, बल्कि देश का सबसे खुशहाल राज्य भी है।

गुरुग्राम में मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (MDI) के प्रोफेसर राजेश पिलानिया की स्टडी के अनुसार मिजोरम देश का सबसे खुशहाल राज्य है। रिपोर्ट के मुताबिक मिजोरम भारत में 100 प्रतिशत साक्षरता हासिल करने वाला दूसरा राज्य है। जो कि युवाओं को सबसे कठिन हालातों में भी बेहतर करने के अवसर मुहैया करता है।

इन मापदंड़ों को बनाया आधार

मिजोरम के हैप्पीनेस इंडेक्स पर बेस्ड रिपोर्ट छह मापदंडों पर आधारित है, जिसमें परिवार के रिश्तों, काम से जुड़े-सामाजिक मुद्दें, धर्म, खुशी पर कोरोना वायरस के प्रभाव और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित स्टडी है।

रिपोर्ट में बताया कि मिजोरम की राजधानी आइजोल में सरकारी मिजो हाईस्कूल (जीएमएचएस) के एक छात्र को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जब वह छोटा था तब उसके पिता ने अपने परिवार को छोड़ दिया था। इसके बावजूद वह आशावादी रहा और अपनी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करते हुए चार्टर्ड एकाउंटेंट या सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुआ।

कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर

इसी तरह, जीएमएचएस में कक्षा 10 का छात्र राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में शामिल होने की इच्छा रखता है। उसके पिता एक दूध कारखाने में काम करते हैं और उसकी मां एक गृहिणी है। दोनों अपने स्कूल की वजह से अपनी संभावनाओं को लेकर आशान्वित हैं।

ऐसे ही एक छात्र ने कहा, "हमारे शिक्षक हमारे सबसे अच्छे दोस्त हैं, हम उनके साथ कुछ भी साझा करने से डरते या शर्माते नहीं हैं।" रिपोर्ट में बताया गया है कि मिजोरम में टीचर नियमित तौर से छात्रों और उनके अभिभावकों से मिलते हैं ताकि उनकी किसी भी समस्या का समाधान किया जा सके।

यहां कोई काम छोटा-बड़ा नहीं

इसके अलावा मिजोरम की सामाजिक संरचना भी इसके युवाओं की खुशी में योगदान करती है। एक निजी स्कूल एबेन-एजर बोर्डिंग स्कूल की टीचर लालरिनमावी खियांग्ते ने कहा कि यहां की परवरिश है जो युवाओं को खुश करती है, हम एक जातिविहीन समाज हैं। साथ ही यहां पढ़ाई के लिए माता-पिता का प्रेसर भी कम है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि जेंडर की बैगर परवाह किए मिजो समुदाय का हर बच्चा जल्दी कमाना करना शुरू कर देता है। स्टडी के मुताबिक कोई भी काम छोटा नहीं आंका जाता और युवाओं को आमतौर पर 16 या 17 साल की उम्र के आसपास रोजगार मिल जाता है। उनको प्रोत्साहित किया जाता है और लड़कियों और लड़कों के बीच कोई भेदभाव नहीं होता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+