कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन की मिक्स डोज पर स्टडी को DCGI की मंजूरी
नई दिल्ली, 10 अगस्त: ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कोरोना की दो वैक्सीन कोवैक्सीन और कोविशील्ड की मिक्स डोज पर स्टडी करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। ये स्टडी और इसके क्लिनिकल ट्रायल तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में होंगे। 29 जुलाई को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की एक कमेटी ने इस अध्ययन को करने की सिफारिश की थी। जिसके बाद अब डीसीजीआई ने स्टडी को मंजूरी दी है। स्टडी के जरिए ये पता लगाया जाएगा कि किसी व्यक्ति को दो अलग-अलग वैक्सीन शॉट, यानी एक डोज कोविशील्ड और एक कोवैक्सीन की देना क्या ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।

आईसीएमआर ने भी की है स्टडी
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने भी हाल ही में इसको लेकर एक स्टडी की है कि अगर व्यक्ति ने पहली डोज कोवैक्सीन की और दूसरी कोविशील्ड कीलगवाई गई तो इसका क्या असर होगा और ये कितना सुरक्षित होगा। आईसीएमआर की स्टडी में कहा गया है कि एक एडिनोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म-आधारित वैक्सीन के बाद पूरी तरह से निष्क्रिय वायरस वैक्सीन कॉम्बिनेशन के साथ वैक्सीनेशन सुरक्षित रहा और इससे बेहतर इम्युनोजेनेसिटी भी हासिल हुई। आईसीएमआर की तरफ से वैक्सीन की मिक्सिंग और मैंचिग को लेकर यह स्टडी की गई थी। इस स्टडी के नतीजे काफी सकारात्मक दिखाई दे रहे हैं। इस स्टडी में 300 हेल्थ वॉलिंटियर्स को शामिल किया गया था
देश में इन्हीं दो वैक्सीन का हो रहा ज्यादा इस्तेमाल
भारत ने अभी तक पांच टीकों को मंजूरी दी गई है। भारत में एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड, भारत में ही तैयार भारत बायोटेक की कोवैक्सीन, रूस की स्पूतनिक वी, मॉडर्न की वैक्सीन और इसके अलावा जॉनसन एंड जॉनसन को मंजूरी दी गई है। देश में मंजूरी भले पांच टीकों को मिली है लेकिन देश में दो वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सिन का इस्तेमाल ही सबसे ज्यादा हो रहा है। बता दें कि देश में जनवरी से टीका लगाए जाने का काम शुरु हुआ है। शुरू में पहले स्वास्थ्यकर्मियों फिर बुजुर्गों को टीका दिया गया। अब देश में 18 साल से ज्यादा के सभी लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications