Mossad: जिसके नाम से कांप उठते हैं इजरायल के दुश्मन, दिल्ली धमाका करने वाले बचेंगे ?

Israeli intelligence agency mossad: नई दिल्ली। 29 जनवरी को राजधानी दिल्ली में इजरायली दूतावास के पास एक बम विस्फोट से हड़कंप मचा हुआ है। राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में विस्फोट के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं तो इजरायल में भी हलचल शुरू हो गई है। इजरायल ने इसे आतंकी वारदात कहा है। साथ ही इजरायल ने भारत को भरोसा दिया है कि वह हर संभव मदद करेगा। कहा जा रहा है कि इजरायल की खुफिया एजेंसियां इस हपले को लेकर सक्रिय हो गई हैं। दरअसर इजरायल की मजबूती के पीछे उसकी खुफिया एजेंसी का सबसे बड़ा हाथ है। दुनिया में इजरायली संस्थाओं या फिर उसके नागरिकों के साथ कोई घटना होती है तो मोसाद तुरंत सक्रिय हो जाती है। आइए देखते हैं मोसाद के ऐसे कुछ खतरनाक मिशन जिसे याद कर आज भी दुश्मन कांप उठते हैं।

Recommended Video

      Delhi Israel Embassy Blast: घटनास्थल से मिला खतरनाक विस्फोटक PETN| वनइंडिया हिंदी
      Mossad

      ऑपरेशन एन्तेबे
      इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने अपने कारनामों से पूरी दुनिया को अपना लोहा मनवाया है। मोसाद अपने साहसिक मिशन के साथ ही इजरायल के दुश्मनों की नृशंस हत्याओं के लिए भी जानी जाती है। इस एजेंसी का ऐसा ही एक मिशन था ऑपरेशन एन्तेबे। 1976 में इजरायली यात्रियों से भरी तेल अवीव से फ्रांस जा रही फ्लाइट का फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया। इस फ्लाइट को लेकर अपहरणकर्ता युगांडा के एन्तेबे पहुंचे। युगांडा का तानाशाह आतंकियों की मदद कर रहा था। अपहरणकर्ताओं ने इजरायली जेल में बंद 54 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई की मांग की। ऐसा न होने पर इजरायली यात्रियों को मारने की बात कही। इजरायल ने आतंकियों के सामने झुकने की जगह ऐसा फैसला लिया जिसे आज तक याद किया जाता है। इजरायल ने 4000 किमी दूर एन्तेबे से बंधकों को छुड़ाने के लिए एक मिशन भेजा। इस मिशन के बारे में पूरा प्लान मोसाद ने रचा। हवाई जहाज से इजरायली कमांडों एन्तेबे पहुंचे और सभी बंधकों को सुरक्षित छुड़ा लाया। इस मिशन में इजरायल का सिर्फ एक सैनिक मारा गया था। वह वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाई जोनाथन नेतन्याहू थे।

      म्यूनिख ओलंपिक में हत्या का बदला
      1972 में म्यूनिख ओलंपिक के दौरान फिलिस्तीनी आतंकियों ने इजरायल के 11 खिलाड़ियों की हत्या कर दी थी। ओलंपिक के दौरान इस घटना ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। इजरायल ने अपने नागरिकों से वादा किया कि वह इन हत्याओं का बदला लेगा और एक-एक को सजा देगा। बाद में मोसाद ने इसके लिए एक टीम बनाई और इसने पूरी दुनिया में छिपकर रह रहे साजिशकर्ताओं और हत्यारों को ढूढ़कर उन्हें ठिकाने लगाने का काम शुरू किया। इसके लिए इजरायली एजेंटों ने बम, कार बम, बिल्डिंग उड़ाने जैसी हर तरकीब को इस्तेमाल किया। 20 साल तक चले इस मिशन में इजरायल ने सभी साजिशकर्ताओं को चुन-चुनकर मारा।

      इजरायली जासूस सीरिया में रक्षामंत्री का सलाहकार बना
      Eli Cohen, ये एक ऐसा नाम है जिसे न सिर्फ इजरायल बल्कि सीरिया में आज तक याद किया जाता है। मोसाद ने एली कोहेन को सीरिया में खास मिशन के लिए चुना था। एली ने बिजनेसमैन के रूप में सीरियाई अधिकारियों से मेलजोल बढ़ाना शुरू किया और उसे जिस तरह की सफलता मिली उससे इजरायल भी हैरान रह गया। मोसाद का यह एजेंट सीरिया के सत्ताधारी वर्ग के साथ उठने बैठने लगा और एक समय ऐसा भी आया जब एली सीरिया के रक्षामंत्री का सलाहकार बन गया। बाद में एली का राज खुल गया और उसे 1965 में खुलेआम फांसी दी गई। तब तक एली बहुत सारी खुफिया सूचनाएं इजरायल तक पहुंचा चुका था।

      अर्जेंटीना में खुफिया मिशन
      1960 में इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद ने अपने मिशन से पहली बार पूरी दुनिया को चौंकाया था। 11 मई को मोसाद के एजेंट ने हिटलर के साथ नाजियों पर अत्याचार करने वाले युद्ध अपराधी एडोल्फ एकमैन को अर्जेंटीना से अपहरण कर उसे इजरायल लेकर आए। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एकमैन भागकर अर्जेंटीना पहुंच गया था और वहां पहचान बदलकर रह रहा था। यह मिशन इतना सीक्रेट था कि कई महीने तक इजरायल के 5 एजेंट अर्जेंटीना में बने रहे लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। इस दौरान एकमैन का अपहरण कर लिया गया और काफी समय अपने साथ भी रखा गया। बाद में उसे प्लेन से लेकर इजरायल पहुंचा दिया गया तब पता चला।

      ईरानी वैज्ञानिक की हत्या
      पिछले साल ही ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मोहम्मद फखरीदाजेह की राजधानी तेहरान के बाहरी इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के लिए ईरान के विदेश मंत्री ने इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि इजरायल ने हत्या में शामिल होने से इनकार किया लेकिन बेंजामिन नेतन्याहू एक कार्यक्रम में फखरीदाजेह की तस्वीर दिखा चुके थे और उन्हें परमाणु कार्यक्रम का जिम्मेदार बताया था। इस हत्या में कहा गया कि रिमोट संचालित हथियार से फखरीदाजेह को मारा गया था जो कि बेहद चौंकाने वाली बात थी। जिस कार से ईरानी वैज्ञानिक को गोली मारी गई थी वह सेटेलाइट से संचालित थी और उसे बाद में उड़ा दिया गया था। ये मिशन इतना सटीक था कि इसमें फखरीदाजेह के बगल में ही बैठी उनकी पत्नी सुरक्षित रही थीं।

      Notifications
      Settings
      Clear Notifications
      Notifications
      Use the toggle to switch on notifications
      • Block for 8 hours
      • Block for 12 hours
      • Block for 24 hours
      • Don't block
      Gender
      Select your Gender
      • Male
      • Female
      • Others
      Age
      Select your Age Range
      • Under 18
      • 18 to 25
      • 26 to 35
      • 36 to 45
      • 45 to 55
      • 55+