आर्मी ऑफिसर पिता की 'मिस इंडिया' बेटी ऐश्‍वर्या श्‍योरण को मिली UPSC में 93वीं रैंक, बिना कोचिंग मिली सफलता

नई दिल्‍ली। अक्‍सर लोग यह समझ बैठते हैं कि खूबसूरत लड़कियां पढ़ाई-लिखाई में फिसड्डी होती हैं। ऐसे लोगों की इसी सोच को करारा जवाब हैं मिस इंडिया फाइनलिस्‍ट ऐश्‍वर्या श्‍योरण। चार अगस्‍त को जब संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी के साल 2019 के नतीजे आए तो ऐश्‍वर्या को उसमें 93वीं रैंक हासिल हुई। ऐश्‍वर्या अपनी इस रैंक के साथ ही सुर्खियों में छा गई हैं। सिविल सर्विस एग्‍जाम में 93वीं रैंक लाकर 'ब्‍यूटी विद ब्रेन' ऐश्‍वर्या अब आईएएस बनने को रेडी हैं।

मां ने रखा था नाम ऐश्‍वर्या

मां ने रखा था नाम ऐश्‍वर्या

ऐश्‍वर्या की मां ने उनका नाम पूर्व मिस वर्ल्‍ड ऐश्‍वर्या राय के नाम पर रखा था। ऐश्‍वर्या एक सफल मॉडल हैं और साल 2016 में मिस इंडिया फाइनलिस्‍ट रहीं हैं। मिस इंडिया के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ऐश्‍वर्या से जुड़ी इस अहम जानकारी को सबसे पहले शेयर किया गया। मिस इंडिया के आधिकारिक पेज पर लिखा था, 'ऐश्‍वर्या श्‍योरण, जो फेमिना मिस इंडिया 2016 की फाइनलिस्‍ट, कैंपस प्रिंसेज दिल्‍ली 2016, फ्रेशफेस विनर दिल्‍ली 2015 हैं, उन्‍होंने सिविल सर्विस परीक्षा में 93वीं रैंक हासिल कर हमें गौरान्वित किया है।'

हमेशा से था IAS बनने का सपना

ऐश्‍वर्या का कहना है कि सिविल सर्विस में सफलता हासिल करना हमेशा से उनका सपना था। ऐश्‍वर्या एक फौजी परिवार से आती हैं। उनके पिता अजय कुमार एनसीसी तेलंगाना बटालियन, करीमनगर के कमांडिंग ऑफिसर हैं। ऐश्‍वर्या के मुताबिक उनके पिता ने हमेशा उन्‍हें देश सेवा के लिए प्रेरणा दी थी। जैसे ही ऐश्‍वर्या के बारे में खबर आई लोग उनके बारे में सर्च करने लगे। यूजर्स उन्‍हें असल में 'ब्‍यूटी विद ब्रेन' करार दे रहे हैं जो हमेशा अपने सपने को पूरा करने के लिए जुनून की हद तक जा सकती हैं। ऐश्‍वर्या ने बताया कि उनकी मां चाहती थीं कि वह मिस इंडिया बनें। ऐश्‍वर्या टॉप 21 फाइनलिस्‍ट के तौर पर चुनी भी गई थीं।

बिना कोचिंग मिली है सफलता

बिना कोचिंग मिली है सफलता

ऐश्‍वर्या हमेशा से पढ़ाई में अच्‍छी रही हैं। उनकी मानें तो परीक्षा पास करने के लिए उन्‍होंने कोई भी कोचिंग क्‍लास नहीं ली। उन्‍होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर देती थीं, साथ ही वह हर चीज से दूर रहती थीं। उनका सारा ध्यान बस पढ़ाई पर होता था। इस वजह से ही उन्‍हें सफलता हासिल की है। उनका कहना है कि आईएएस बनने के लिए अचानक उन्‍हें पढ़ाई से लगाव नहीं हुआ था। ऐश्‍वर्या अपने स्‍कूल में हेड गर्ल थीं और वह साइंस की स्‍टूडेंट रही हैं। स्‍कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्‍होंने दिल्‍ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में एडमिशन लिया था।

सिंतबर में हुई थी परीक्षा

सिंतबर में हुई थी परीक्षा

साल 2019 की परीक्षा में कुल 829 कैंडीडेट्स ने सफलता हासिल की है। यूपीएससी की परीक्षा पिछले वर्ष सितंबर में हुई थी।चुने गए उम्मीदवारों में 304 उम्मीदवार जनरल कैटेगरी, 251 उम्मीदवार ओबीसी, 129 एससी और 67 उम्मीदवार एसटी कैटेगरी के शामिल हैं। इस बार ईडब्‍लूएस कोटा भी शामिल किया गया था और इस कोटे के तहत 78 उम्‍मीदवारों को सफलता मिली है। 11 उम्‍मीदवारों के नतीजे रोक लिए गए हैं। यूपीएससी परीक्षा के जरिए देश को बेहतर आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और दूसरी केंद्रिय सर्विसेज के लिए उम्‍मीदवार मिलते हैं। इस वर्ष 31 मई को यूपीएससी की परीक्षा होनी थी लेकिन कोविड-19 की वजह से इसे चार अक्‍टूबर तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया।

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