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तेज रफ्तार ट्रेन के सामने आए बच्‍चे की जान बचाने वाले प्‍वांइटमैन मयूर को रेल मंत्रालय देगा 50,000 रुपए

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मुंबई, अप्रैल 22: मुंबई के एक रेलवे स्‍टेशन का आपने एक वीडियो देखा होगा जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ बच्‍चा प्‍लेटफार्म पर अपना बैलेंस खोने के कारण पटरी पर अचानक गिर गया और दूसरी तरफ से तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन के सामने से बच्‍चे को एक शख्‍स आकर बचा लेता है। अपनी जान की बाजी लगाकर बच्‍चे को बचाने वाला शख्‍स रेलवे के प्‍वाइंटमैन मयूर शाल्‍वे हैं जिन्‍हें रेलवे ने सम्‍मानित भी किया है। वहीं दिलेरी दिखाने वाले प्‍वाइंटमैन मयूर शाल्‍वे को रेलवे मंत्रालय ने 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।

अंकुर मयूर शाल्‍वे को रेल मंत्रालय देगा 50, 000 रुपए

अंकुर मयूर शाल्‍वे को रेल मंत्रालय देगा 50, 000 रुपए

गुरुवार को रेल मंत्रालय ने अंकुर मयूर शाल्‍वे के लिए 50,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। मयूर ने पिछली 17 अप्रैल को मुंबई के वंजनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर चलने के दौरान संतुलन खोने के कारण रेलवे पटरियों पर गिर गए एक बच्चे की जान बचाई थी। जिसके लिए उसे सम्‍मानित किया गया और उसे अब ये इनाम स्‍वरूप ये प्रोत्‍साहन राशि दी जा रही है।

प्‍वाइंटमैन मयूर ने नेत्रहीन मां के सहारे की जान बचाई

प्‍वाइंटमैन मयूर ने नेत्रहीन मां के सहारे की जान बचाई

पटरी पर गिरने पर कैसे तेज रफ्तार ट्रेन के सामने पटरी पर अचानक गिरे बच्‍चे को प्‍वाइंटमैन मयूर शाल्‍वे ने अपनी जान पर खेल कर अंतिम क्षण में बचाया। जिस महिला का ये बच्‍चा है उसकी मां अंधी है। अगर मयूर ने न बचाया होता तो अंधी मां अपना बेटा हमेशा के लिए खो देती और उसकी दुनिया वीरान हो जाती।

<strong>रेलवे ट्रैक पर गिरे बच्चे की मां थी नेत्रहीन, Mayur Shelkhe ना बचाते तो बुझ जाता जिंदगी का दीया</strong>रेलवे ट्रैक पर गिरे बच्चे की मां थी नेत्रहीन, Mayur Shelkhe ना बचाते तो बुझ जाता जिंदगी का दीया

बाद में हुआ खुलासा कि बच्‍चे की मां थी नेत्रहीन

दरअसल, पहले माना जा रहा था कि इस छह वर्षीय बच्‍चे का अभिभावक दूसरा बच्‍चा हाथ में लिए होने के कारण बड़े बेटे के साथ प्‍लेटफार्म के किनारे तक आ और उसे संभाल नहीं सका और बच्‍चा पटरी पर गिर गया। सीसीटीवी में कैप्‍चर हुई घटना को देखने पर ये लगेगा कि पिता बच्‍चे के गिरने के कारण अपने पीछे लदे सामान और हाथ के दूसरे बच्‍चे के कारण प्‍लेटफार्म पर बड़े बच्‍चे के गिरने के बाद वहीं लेटकर अपने बच्‍चे को बचाने का असफल प्रयास करने लगता है। जबकि सच्‍चाई ये है कि उस बच्‍चे की मां अंधी थी और आंखों से न दिखाई पड़ने के कारण बेटे के साथ प्‍लेटफार्म पर किनारे पर आ गई और उसका जान से प्‍यारा बेटा नीचे पटरी पर गिर पड़ा।

https://hindi.oneindia.com/photos/actress-niharika-agarwal-bold-pictures-oi61126.htmlनिहारिका अग्रवाल की इन तस्वीरों को देख AC में भी आ जाएगा पसीना
English summary
Ministry of Railways will give Rs 50,000 to Mayur Shelkhe, who saves a child's life in front of a high speed train
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