• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

कश्मीर में क्रॉस बॉर्डर फायरिंग से हुए नुकसान की भरपाई करेगी केंद्र सरकार

By Rizwan
|

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में सरहद पर सीमापार से होने वाली फायरिंग के पीड़ितों को जम्मू कश्मीर सरकार जो मुआवजा देगी, उसका भुगतान केंद्र सरकार करेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऐलान किया है कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने क्रॉस बॉर्डर फायरिंग से हुए नुकसान, घायलों और मृतकों के परिजनों को मुआवजे के लिए जो खर्च किया है, उसका भुगतान केंद्र करेगा। गृह मंत्रालय फायरिंग में लोगों के जान-माल की भरपाई करते हुए बर्बाद हुए घर और मारे गए लोगों के परिजनों को पैसा देगा। इसके लिए जम्मू-कश्मीर सरकार को केंद्र सरकार फंड जारी करेगी।

Ministry of Home Affairs reimburse funds for victims of cross border firing

बीते कुछ समय से दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव है। सीमा पर लगातार गोलीबारी की वजह से सरहद के पास के लोग हर वक्त दहशत के साये में जीना पड़ता है। पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन करता है और गोलियों के साथ-साथ भारी हथियारों का भी इस्तेमाल करता रहता है, इसमें सरहद के गावों में घर तक टूट जाते हैं और लोगों को जान का भी नुकसान उठाना पड़ता है। यहां तक कि सीमा पर रह रहे लोगों को कई -कई दिनों तक गांव छोड़ बंकरों में भी रहना पड़ जाता है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट: दिल का दौरा पड़ा और चक्‍कर खाकर बाथटब में गिरीं श्रीदेवी, पढ़ें कई और खुलासे

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

lok-sabha-home

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Ministry of Home Affairs reimburse funds spent by Jammu Kashmir Govt to pay compensation for victims of cross border firing
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more