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Me Too: यौन शोषण के मामलों में शिकायत की समय सीमा को लेकर बड़ा फैसला लेने के मूड में सरकार

By विनोद कुमार शुक्ला
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नई दिल्ली। 'मी टू' कैम्पेन के बाद एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की कई हस्तियों पर यौन शोषण के आरोप लगें हैं जबकि मीडिया से लेकर राजनीति के क्षेत्र से जुड़े कई बड़े नामों के सामने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर भी आरोप लगा है कि उन्होंने कुछ सालों पहले महिला पत्रकार का यौन शोषण किया था। तनुश्री दत्ता द्वारा फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाने के बाद देशभर की कई महिलाओं ने इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई है और ME TOO कैंपेन के जरिए सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है।

मी टू कैंपेन को लेकर सरकार गंभीर

मी टू कैंपेन को लेकर सरकार गंभीर

इस कड़ी में कई हैरान करने वाले नाम सामने आ चुके हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी भी अब ME TOO कैंपेन के समर्थन में आ चुकी हैं और इससे जुड़ी शिकायती प्रकिया में संशोधन के लिए कानून मंत्रालय को उन्होंने पत्र भी लिखा है। मेनका गांधी ने कहा कि इससे कुछ लेना-देना नहीं है कि मामला कितना पुराना है, जो भी पीड़ित है वह नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर केस दर्ज करा सकता है और ईमेल द्वारा भी इसकी शिकायत दर्ज की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में महिलाओं को आगे आकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

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यौन शोषण के आरोपों में कई दिग्गज

यौन शोषण के आरोपों में कई दिग्गज

मेनका गांधी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखा है कि शिकायतें बिना किसी समय अवधि के होनी चाहिए। यह सामने आया है कि किसी के बचपन में परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों द्वारा यौन उत्पीड़न का शिकार होने की संभावना है, लेकिन वे समझ में नहीं पाते कि ये एक अपराध है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी परिवार के लोग पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज नहीं कराते हैं लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, यौन शोषण का असर गहरा होने लगता है।

शिकायत दर्ज कराने की अवधि को लेकर मेनका गांधी गंभीर

शिकायत दर्ज कराने की अवधि को लेकर मेनका गांधी गंभीर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि IPC के सेक्शन 468 के तहत ऐसे मामलों में तीन साल की जेल का प्रावधान है। लेकिन कानूनन, अपराध के तीन साल के अंदर ही ऐसे मामलों मे शिकायत दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने इस समय अवधि में शिकायत दर्ज कराने की पाबंदी को लेकर कानून मंत्रालय को पत्र लिखा है। हालांकि सेक्शन 473 के तहत कोई भी कभी भी कोर्ट जा सकता है लेकिन जैसे-जैसे वक्त गुजरता है केस कमजोर होता जाता है।

तनुश्री के आरोपों के बाद उठने लगी आवाज

तनुश्री के आरोपों के बाद उठने लगी आवाज

सरकार का कहना है कि कई ऐसे प्रावधान हैं जिनके जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है जैसे- ई-पॉक्सो, स्पेशल ई-मेल और यहां तक कि मंत्री को ई-मेल कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ई-मेल द्वारा अभी तक 22 हजार ऐसी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। सरकार मी टू कैंपेन के बाद ऐसे तरीके देख रही है जिसके जरिए यौन शोषण के पुराने मामलों में पीड़ितों को मदद मिल सके।

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English summary
MeToo campaign may force government to scrap time limit of complain in child sexual abuse cases
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