वीरता पुरस्कार हासिल करने वाली पहली महिला कैप्टन राधिका
नई दिल्ली। मर्चेंट नेवी में पहली महिला कैप्टन होने का गौरव हासिल करने वाली राधिका मेनन को अब बहादुरी पुरस्कार हासिल करने वाली पहली महिला का गौरव भी हासिल हुआ है। सात मछुआरों की जिंदगी बचाने वाली राधिका को इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन की ओर से असाधारण वीरता का प्रदर्शन करने के लिए बहादुरी पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

पिछले वर्ष जून की घटना
शिपिंग मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पिछले वर्ष जून में बंगाल की खाड़ी में आए तूफान में फंसे सात मछुआरों की जान बचाने के लिए राधिका को वर्ष 2016 के वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इस ऑर्गनाइजेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत सरकार की ओर से कैप्टन मेनन के नाम का इस पुरस्कार के लिए भेजा गया है।
क्या किया था कैप्टन मेनन ने
उन्होंने दुर्गाम्मा नाम की नाव पर फंसे सात मछुआरों की जिंदगी बचाई थी। इस नाव का इंजन फेल हो जाने की वजह से यह नाव खराब मौसम में फंस गई थी। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन यूनाइटेड नेशंस की विशेष एजेंसी है। इस एजेंसी पर जहाजों की सुरक्षा और जहाजों की वजह समंदर में होने वाले प्रदूषण की रोकथाम करना है।
कैप्टन मेनन ने दी प्रतिक्रिया
केरल की रहने वाली कैप्टन मेनन ऑयल टैंकर 'संपूर्ण स्वराज्य' पर तैनात थीं। यह जहाज शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का है। इस उपलब्धि पर कैप्टन मेनन ने इंग्लिश डेली को एक ईमेल भेज कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है वह काफी सम्मानित महसूस कर रही हैं और पुरस्कार के लिए शुक्रिया अदा करना चाहती हैं। राधिका ने सात मछुआरों की जिंदगी बचाने को अपनी ड्यूटी का ही हिस्सा बताया है।
सचिन तेंदुलकर ने भी किया सैल्यूट
कैप्टन राधिका की इस बहादुरी को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी सैल्यूट किया है। सचिन ने अपने फेसबुक पेज पर राधिका की फोटोग्राफ शेयर करते हुए अपनी पोस्ट पर उनकी इस वीरता को एक असाधारण बात करार दिया है।












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