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मेघालय चुनाव: क्या जोनाथन संगमा की हत्या राजनीतिक है

By Bbc Hindi

मेघालय चुनाव: क्या जोनाथन संगमा की हत्या राजनीतिक है

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जोनाथन संगमा पहले से ही चरमपंथी संगठन 'गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी' के निशाने पर थे.

'गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी' ने उनके ख़िलाफ़ गारो पहाड़ियों में धमकी भरे पोस्टर भी लगाए थे.

पोस्टरों में कहा गया था कि जो भी जोनाथन को वोट देगा उसे गोली मार दी जाएगी. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बिजय राज ने ये जानकारी बीबीसी को दी.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जोनाथन संगमा पहले से ही चरमपंथी संगठन 'गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी' के निशाने पर थे.

'गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी' ने उनके ख़िलाफ़ गारो पहाड़ियों में धमकी भरे पोस्टर भी लगाए थे.

पोस्टरों में कहा गया था कि जो भी जोनाथन को वोट देगा उसे गोली मार दी जाएगी. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बिजय राज ने ये जानकारी बीबीसी को दी.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जोनाथन संगमा पहले से ही चरमपंथी संगठन 'गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी' के निशाने पर थे.

'गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी' ने उनके ख़िलाफ़ गारो पहाड़ियों में धमकी भरे पोस्टर भी लगाए थे.

पोस्टरों में कहा गया था कि जो भी जोनाथन को वोट देगा उसे गोली मार दी जाएगी. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बिजय राज ने ये जानकारी बीबीसी को दी.

उन्होंने कि राज्य सरकार और पुलिस को इसके बारे में सूचना पहले ही दी थी.

बिजय राज ने कहा, "मगर पुलिस ने हमारी अपील को गंभीरता से नहीं लिया और जोनाथन की सुरक्षा के लिए सिर्फ दो ही गार्ड दिए गए थे."

पुलिस की चुप्पी

हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर पुलिस इस घटना के बारे में कुछ भी बोलने से इनकार रही है.

लेकिन मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने सोशल मीडिया पर जोनाथन संगमा की हत्या की निंदा की है.

रविवार की देर रात हुए इस हमले में कुल चार लोग मारे गए हैं जिसमे जोनाथन के एक सुरक्षा कर्मी और एनसीपी के दो कार्यकर्ता शामिल हैं.

बिजय राज का आरोप है कि घटना के कई घंटों बाद भी पुलिस कुछ नहीं कह रही है, ये निंदनीय है.

पुलिस के अधिकारी नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताते हैं कि जोनाथन समंदा गाँव में एक चुनावी रैली को संबोधित कर लौट रहे थे.

सामंदा प्रखंड के ही साविल्ग्रे गाँव के पास उनके वाहन पर हमला हुआ.

आखिर पर्चे किसने लगाए?

एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि पहले विस्फोट हुआ फिर चरमपंथियों ने गोलियां चलाई.

बिजय राज बीबीसी को बताते हैं कि जब वर्ष 2013 में जोनाथन बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे तब भी उनपर हमला हुआ था.

वो कहते हैं, "मगर उसके पांच सालों तक उनपर कोई हमला नहीं हुआ था. अब जब वो एनसीपी में शामिल हुए हैं तो उनपर हमला हुआ है. इसका मतलब है कि ये हत्या राजनीतिक है."

बीबीसी की पड़ताल में पता चला है कि जोनाथन के नाम से लगाए गए धमकी भरे पर्चों में किसी चरमपंथी संगठन का नाम नहीं लिखा हुआ है.

पर्चे के नीचे एक एके- 47 और गोली का चित्र बना हुआ है.

पुलिस को शक

मगर पुलिस को शक है कि ये हत्या गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी ने की है. चुनाव आयोग ने फिलहाल विलियम नगर सीट पर होने वाले चुनावों को रद्द कर दिया गया है.

गारो हिल्स मेघालय का सबसे सुदूर अंचल है जो राजधानी शिलॉन्ग से 400 से ज्यादा किलोमीटर दूर है. यहाँ मोबाइल और फ़ोन काम नहीं करते और सड़कें भी नहीं हैं.

यही वजह है कि पहाड़ियों पर गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी ने अपना क़ब्ज़ा कई सालों से जमा रखा है.

इस इलाके में चुनावी प्रचार हेलीकॉप्टर के माध्यम से होता है और राजनीतिक दलों के नेता सिर्फ तारु तक जाकर लौट जाते हैं.

सुदूर अंचल में चुनावी प्रचार नहीं के बराबर होता है.

BBC Hindi
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English summary
Meghalaya Election Is Jonathan Sangmas assassination political
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