ओबामा के साथ आया वह डॉग स्क्वॉयड जिसने खोजा था ओसामा को
नई दिल्ली। 25 जनवरी को सुबह पांच बजे अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबाम अपने लाव लश्कर के साथ भारत पहुंच जाएंगे। लेकिन ओबामा से पहले उन्हें हर कदम पर सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कुछ ऐसे ऑफिसर्स भी पहुंच गए हैं जो अगर ओबामा के 100 मीटर के दायरे में किसी भी अजनबी को देखेंगे तो कुछ सेकेंड्स में उसे चीर कर रख सकते हैं।

20 डॉग ऑफिसर्स मौजूद दिल्ली में
हम छह फीट लंबे यूएस सीक्रेट सर्विस एजेंट्स की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि हम बात कर रहे हैं उन 20 बेल्जियन मैलिनियॉस से लैस के9 डॉग स्क्वॉयड के ऑफिसर्स की जो ओबामा से पहले भारत पहुंच चुके हैं और इस समय दिल्ली के पांच सितारा होटल के खास सुइट्स में रुके हैं।
क्या हुआ था अक्टूबर में
पिछले वर्ष 2 2 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में एक घुसपैठिया दाखिल हो गया था। उस समय जॉर्डन ड्यूटी पर था और उसने ने अकेले ही उसका मुकाबला किया था। इनमें से एक ने ओसामा बिन लादेन के बारे में पता लगाने में भी बड़ा रोल अदा किया था। आज जानिए इसी के9 स्क्वॉयड के बारे में जो 25 मील पर आवर की रफ्तार से अमेरिका के फर्स्ट सिटीजन को सुरक्षा मुहैया कराते हैं। जॉर्डन और हरिकेन ओबामा के फेवरिट डॉग्स हैं।
एक कुत्ते की कीमत 9,000 डॉलर
- के9 डॉग स्क्वॉयड यूएस सीक्रेट सर्विस का हिस्सा है।
- वर्ष 1977 में इस स्क्वॉयड की स्थापना हुई थी।
- इस स्क्वॉयड को एक्सप्लोसिव्स को डिटेक्ट करना है।
- इन्हें खास ट्रेनिंग मुहैया कराई जाती है और इसका सारा खर्च सरकार उठाती।
- इस स्क्वॉयड में मैलिनियॉस, डच ,शेफर्ड और जर्मन शेफर्ड ब्रीड के कुत्तों को शामिल किया गया है।
- इन्हें एक प्रोफेशनल वर्किंग डॉग ब्रीडिंग प्रोग्राम में शामिल किया जाता है।
- इस यूनिट में करीब 75 कुत्ते हैं।
- हर कुत्त की कीमत 9,000 डॉलर से भी ज्यादा है।
- मैरिलैंड में 400 एकड़ में स्थित एक ट्रेनिंग सेंटर में इन्हें ट्रेनिंग दी जाती है।
- इस ट्रेनिंग में कोई भी पप शामिल नहीं किया जाता है सिर्फ ग्रोनअप डॉग्स को ही शामिल किया जाता है।
उसैन बोल्ट से भी तेज हैं के9
- के9 में पहले स्निफर डॉग्स को भी शामिल किया गया था।
- फिर इसे बदलकर इसके ऑफिसर्स को हमलावरों का पता लगाने और उन पर हमला करने के लिए ट्रेनिंग दी जाने लगी।
- बेल्जियन मैलिनियॉस को जर्मन शेफर्ड की तुलना में ज्यादा तवज्जो दी जाती है क्योंकि यह उनकी तुलना में काफी तेज होते हैं।
- के9 डॉग ऑफिसर्स सिर्फ एक मिनट में आरडीएक्स, पोटेशियम मिक्सचर और यहां तक कि आईईडी का पता भी लगा सकते हैं।
- इन्हें सिर्फ कुछ सेकेंड्स के अंदर ही अपने टारगेट को अपने काबू में लेने की खास ट्रेनिंग दी गई है।
- यह डॉग ऑफिसर्स 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं।
मिलती हैं सुविधाएं
- के9 स्क्वॉयड में शामिल हर डॉग ऑफिसर को उनकी सर्विस के दौरान खासी सुविधाएं मिलती हैं।
- सैलरी के अलावा यह ऑफिसर समय-समय पर प्रमोशन भी पाते हैं।
- इनके रख-रखाव के लिए इनके हैंडलर्स को काफी लग्जीरियस माहौल दिया जाता है।
- इनकी डाइट में मीट, पेडीग्री और ब्रेड शामिल होता है।
- ड्यूटी के समय यह सिर्फ फाइव स्टार होटल में अपने हैंडलर्स के साथ रुकते हैं।
- इनकी रिटायरमेंट एज 10 वर्ष है।
- जब कभी भी इस डॉग स्क्वॉयड के डॉग ऑफिसर्स अच्छा काम करते हैं तो इन्हें एक दिन का ऑफ दिया जाता है।












Click it and Unblock the Notifications