मिलिए दिल्ली पुलिस की Real 'मर्दानी' सीमा ढाका से, जिन्हें मिला आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन, जानिए क्यों?

नई दिल्ली। इस वक्त सोशल मीडिया पर महिला हेड कॉन्स्टेबल सीमा ढाका (Seema Dhaka) की ही बातें हो रही हैं, लोग उन्हें दिल्ली पुलिस की Real'मर्दानी' कहकर संबोधित कर रहे हैं, जिसके पीछे बहुत बड़ा कारण है। दरअसल दिल्ली की समयपुर बादली पुलिस थाने में तैनात महिला हेड कॉन्स्टेबल सीमा ढाका को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन (out-of-turn promotion) दिया गया है क्योंकि उन्होंने मात्र 75 दिन यानी कि ढाई महीने में 76 लापता बच्चों का पता लगाया है, उनके इस अनूठे काम की वजह से उन्हें ये प्रमोशन मिला है।

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    Delhi Police: Woman Cop Seema Dhaka मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन | वनंइडिया हिंदी
     इन्सेंटिव स्कीम के तहत मिला सीमा को प्रमोशन

    इन्सेंटिव स्कीम के तहत मिला सीमा को प्रमोशन

    मालूम हो कि सीमा ढाका को प्रमोशन 'इन्सेंटिव स्कीम' के तहत दिया गया है, उनके प्रमोशन का ऐलान दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने किया। आपको बता दें कि सीमा ढाका ने जिन 76 लापता बच्चों के बारे में पता लगाया है, उसमें 56 बच्चे ऐसे हैं, जिनकी उम्र मात्र 14 साल है यानी कि वो नाबालिग हैं, पाए गए बच्चों में लड़कियों की संख्या बहुत ज्यादा है। गौरतलब है कि आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन (out-of-turn promotion) पाने वाली सीमा ढाका दिल्ली पुलिस की पहली कर्मचारी हैं और प्रमोशन के बाद अब सीमा ढाका हेड कॉन्स्टेबल से एएसआई (ASI) बन गई हैं।

    मैं अपना काम पूरी ईमानदारी से करती रहूंगी: सीमा ढाका

    मैं अपना काम पूरी ईमानदारी से करती रहूंगी: सीमा ढाका

    अपने प्रमोशन पर खुश सीमा ढाका ने कहा कि उन्हें इस काम को करने के लिए काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है लेकिन वो बच्चों को पता लगाकर बहुत ज्यादा खुश हैं, उन्होंने बताया कि उन्होंने दिल्ली, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब के बच्चों को बचाया है, पिछले महीने उन्होंने एक बच्चे को पश्चिम बंगाल से छुड़ाया था, जिसके लिए उन्हें दो नावों की यात्रा करनी पड़ी थी। सीमा ने कहा कि वो देश सेवा के लिए यहां आई हैं, वो आगे भी अपना काम पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करती रहेंगी।

    75 दिनों में छुड़ाए 76 बच्चों को

    75 दिनों में छुड़ाए 76 बच्चों को

    सीमा ने ये भी कहा कि जिस बच्चे को हमने बंगाल से खोजा है, उसके लापता होने की शिकायत दो साल पहले लिखाई गई थी, हमने जब इसके बारे में तफ्तीश शुरू की तो इसकी मां का फोन नंबर और एड्रेस भी बदल गया था, काम बहुत मुश्किल था लेकिन हमने पहले उसके मां-बाप का पता किया और फिर हमने उनके लापता बच्चे को खोजा, सीमा ने कहा कि ये काम आसान नहीं था, इस काम में मुझे मेरे वरिष्ठों और परिवार वालों का पूरा सहयोग मिला है, वो ना होते तो मैं कभी अपनी कोशिशों में कामयाब ना होती , मैं भी एक मां हूं और मैं समझ सकती हूं कि एक मां के लिए उसका बच्चा क्या मायने रखता है इसलिए मेरी कोशिश लापता बच्चों को पता लगाने की थी, मुझे खुशी है कि आज मैं अपनी कोशिश में सफल हुई हूं, मैं आगे भी ये काम करती रहूंगी।

    सीमा ढाका को उनकी मेहनत का मिला पुरस्कार: दिल्ली पुलिस

    सीमा ढाका को उनकी मेहनत का मिला पुरस्कार: दिल्ली पुलिस

    दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता डॉ. ईश सिंघल ने बताया सीमा ढाका का काम बहुत शानदार है, इसलिए उन्हें उनकी मेहनत का पुरस्कार मिला है, सिंघल ने ये भी कहा कि दिल्ली पुलिस ने अगस्त 2020 तक 1440 लापता बच्चों को ढूंढा है, इनमें से बहुत सारे लापता बच्चों को अपराध की दुनिया में झोंक दिया गया था, फिलहाल हम इस विषय पर आगे भी काम करते रहेंगे। सीमा ढाका ने अपने काम से एक मिसाल पेश की है, उनको प्रमोशन देकर दिल्ली पुलिस विभाग उन पर गर्व महसूस कर रहा है, हमें उम्मीद है कि सीमा ढाका के प्रमोशन से अन्य पुलिसकर्मियों को उत्साह बढ़ेगा और लापता बच्चे अधिक संख्या में ढूंढे जा सकेंगे।

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