कौन हैं PM नरेंद्र मोदी के 'आंख और कान' कहलाने वाले अजीत डोभाल और पीके मिश्रा? क्या है खास कनेक्शन
Ajit Doval and PK Mishra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में भी अपनी टीम में अजीत डोभाल और पीके मिश्रा को शामिल किया है। अजीत डोभाल पीएम मोदी के तीसरे टर्म में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) बने रहेंगे। वहीं पीके मिश्रा को प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है।
अजीत डोभाल और पीके मिश्रा दोनों सेवानिवृत अधिकारी पीएम नरेंद्र मोदी के 'आंख और कान' कहे जाते हैं। अजीत डोभाल और पीके मिश्रा पीएम मोदी के पहले टर्म से उनके साथ हैं और तीसरे कार्यकाल में भी अब उनके साथ होंगे।

पीके मिश्रा और अजीत डोभाल पीएम मोदी के करीबी हैं और कहा जाता है कि पीएम मोदी दोनों ही सेवानिवृत अधिकारियों पर भरोसा करते हैं। पीके मिश्रा पीएम मोदी के साथ गुजरात में उनके मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भी काम कर चुके हैं।
वहीं अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों के लिए पीएम मोदी की पहली पसंद हैं। आइए जानें कौन हैं अजीत डोभाल और पीके मिश्रा और पीएम मोदी से क्या है इनका खास कनेक्शन।

ये भी पढ़ें- BJP को बहुमत ना मिलने से PM मोदी के 'विजन' को लगेगा सबसे बड़ा झटका, UCC से लेकर NRC लाना अब मुश्किल
who is Ajit Doval: कौन हैं अजीत डोभाल?
- भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सिर्प पीएम नरेंद्र मोदी के ही खास नहीं माने जाते हैं। अजीत डोभाल मोदी के पीएम बनने से पहले से ही भाजपा के करीबी रहे हैं। अजीत डोभाल के लालकृष्ण आडवाणी के भी खास थे और उन्हें काफी तवज्जो देते थे।
- अजित डोभाल केरल कैडर के 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अजित डोभाल को भारत के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था।

- अजित डोभाल छह सालों तक पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग में कार्यरत थे। इतना ही नहीं अजित डोभाल 1988 में खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन ब्लैक थंडर का भी हिस्सा थे।
- अजित डोभाल 1999 के कंधार विमान हाईजैक में एयर इंडिया की उड़ान IC-814 के रिहाई कराने के लिए वार्ताकार भी थे। अजित डोभाल ने साल 2004-05 तक इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
- अजीत डोभाल ने 2016 में भारतीय सेना की ओर से की गई सर्जिकल स्ट्राइक की टीम के अहम लोगों में शामिल थे। वो उन चुनिंदा लोगों में शामिल थे, जिन्हें बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी थी।
Who is PK Mishra: कौन हैं पीके मिश्रा
- पीके मिश्रा का पूरा नाम प्रमोद कुमार मिश्रा हैं। पीके मिश्रा 1972 गुजरात कैडर के सेवानिवृत आईएएस अधिकारी हैं। पीके मिश्रा ने 1972 में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमए किए हुए हैं। उन्होंने 1990 में पीएचडी किया था।
- पीके मिश्रा को भी पीएम मोदी का करीबी माना जाता है। ये पीएम मोदी के साथ कई सालों से काम कर रहे हैं।

- पीके मिश्रा उन खास अधिकारियों में भी शामिल थे, जिन्होंने 27 फरवरी 2002 की शाम गोधरा कांड के बाद नरेंद्र मोदी की ओर से बुलाई गई बैठक में शामिल थे। पीके मिश्रा इसके बाद भड़के दंगे के दौरान नरेंद्र मोदी की सरकार में प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पद पर थे। वे 2004 तक इसी पद पर काम कर रहे थे।
- पीके मिश्रा साल 2008 में केंद्रीय कृषि सचिव के रूप में सेवानिवृत हुए थे। इसके बाद पीके मिश्रा इलेक्ट्रीसिटी रेगुलरिटी कमीशन के चेयरमैन के रूप में पांच साल के लिए फिर से गुजरात लौटे थे।












Click it and Unblock the Notifications