सपा-बसपा-रालोद गठबंधन को 'शराब' कहना मोदी की विकृत मानसिकता: मायावती
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरुवार को मेरठ रैली में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन को 'शराब' बताने पर मायावती ने जवाब दिया है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए ऐसी बात कहना मानसिक विकृति को दिखाता है। मायावती ने ऐसे शब्दों के पीछे नरेंद्र मोदी का गठबंधन से डर भी बताया है।
मोदी पर ये बोलीं मायावती
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में भाजपा उम्मीदवीरों के पक्ष में आयोजित रैली में सपा-बसपा-रालोद के गठबंधन को 'सराब' कहा। उन्होंने कहा कि सपा का स, रालोद का रा और बसपा का ब यानी 'सराब' से बचें, क्योंकि ये सेहत के लिए हानिकारक है।
इस पर मायावती ने ट्वीट किया है, देश के प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ताक पर रखते हुए नरेंद्र मोदी ने आज मेरठ की रैली में सपा-आरएलडी-बसपा गठबंधन को 'शराब' बताकर इनसे दूर रहने की जो बात कही है वह इनकी इस गठबंधन से हो रही भय व घबराहट के साथ इनकी जातिवादी एवं विकृत मानसिकता को भी दर्शाता है।

अखिलेश ने भी की आलोचना
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मोदी के इस बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है। यादव ने ट्वीट कर कहा. शराब और सराब का फर्क तो जान लिया होता। टेली-प्रॉम्प्टर ने यह पोल खोल दी कि सराब और शराब का अंतर वह लोग नहीं जानते जो नफरत के नशे को बढ़ावा देते हैं। सराब को मृगतृष्णा भी कहते हैं और यह वह धुंधला सा सपना है जो भाजपा 5 साल से दिखा रही है लेकिन जो कभी हासिल नहीं होता। अब जब नया चुनाव आ गया तो वह नया सराब दिखा रहे हैं।

मोदी ने भाषण में सपा-बसपा को निशाने पर लिया
नरेंद्र मोदी ने मेरठ में अपने भाषण में लगातार सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के नेताओं को जेल भेजने के लिए बहनजी ने जीवन के दो दशक लगा दिए उसी से उन्होंने हाथ मिला लिया, जिस दल के नेता गेस्ट हाउस में खत्म करना चाहते थे अब वो उनको साथी हो गए। यूपी में तो सबकुछ बहुत जल्दी-जल्दी हो रहा था। पिछले चुनाव में दो लड़कों का खेल देखा और अब बुआ-बबुआ का खेल हुआ, ये बड़ा गजब है।












Click it and Unblock the Notifications