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कश्मीर पहुंची येरूशलम की आग, डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर

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जम्मू कश्मीर। येरूशलम विवाद की आग अब भारत तक पहुंच गई है। कश्मीर घाटी में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद मैसुमा, छाताबल, हसानाबाद और अबीगुजार क्षेत्रों में लोगों ने प्रदर्शन किया। इस रैली में जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट (JKLF) के कार्यकर्ताओं और हुर्रियत के नेताओं ने भाग लिया है। अलगाववादी नेता हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन मीर वाइज उमर फारुक ने जुम्मे की नमाज के बाद जामिया मस्जिद में भाषण देने का ऐलान किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बीती शाम को घर में नजरबंद कर दिया था।

कश्मीर पहुंची येरूशलम की आग, ट्रंप के विरोध में उतरे लोग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड द्वारा येरुशलम को इजराइल की राजधानी घोषित करने के फैसले के विरोध में कश्मीर घाटी में हजारों लोग ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। रैली के दौरान कई मुस्लिम स्कॉलर्स और मौलवी यूएन से आग्रह करते हुए दिख रहे थे कि ट्रंप के के इस भड़काऊ कदम को वापस लिया जाए। उनके अनुसार, ट्रंप के कदम से दुनिया के मुस्लिम भावनाओं को ठेस पहुंची है।

हुर्रियत नेता सईद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक ने यूएस के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए कश्मीर लोगों को आव्हान किया था। इस प्रदर्शन में इस्लाम और फिलीस्तीन समर्थन में नारे लगे।रैली में कई लोग कह रहे थे कि वे यूएस के इस कदम को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

येरूशलम को इजराइल की राजधानी घोषित करने के बाद दुनिया भर में डोनाल्ड ट्रंप का विरोध हो रहा है। वहीं, इजराइल और फिलीस्तीन के बीच पिछले तीन दिनों से हिंसा देखने को मिल रही है। इस हिंसा में अब तक दो की मौत और दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं।

आखिर क्यों येरूशलम ईसाईयों, मुसलमानों व यहूदियों के लिए है अहम

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English summary
Massive protest in Jammu Kashmir against Donald Trump's move on Jerusalem
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