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पंजाब के सिख ने अपनी जान देकर बचाई तीन अमेरिकी बच्चों की जिंदगी, नदी में डूबते देखा तो लगा दी छलांग

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नई दिल्ली। पंजाब के एक नौजवान मनजीत सिंह ने अपनी जान देकर आज अमेरिका को भी अपना कर्जदार बना दिया है। पंजाब के गुरदासपुर के छीना रेलवाला के रहने वाले मनजीत सिंह ने इंसानियत का धर्म निभाते हुए नदी में डूब रहे बच्चों की जान बचाई लेकिन बदकिस्मती से वह अपनी जान नहीं बचा पाए। मनजीत सिंह के हौंसले को आज अमेरिका सहित पूरा भारत सलाम कर रहा है। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने फेसबुक पोस्ट पर मनजीत सिंह की बहादुरी को सलाम किया है।

बच्चों की जान बचाने के लिए दे दी खुद की कुर्बानी

बच्चों की जान बचाने के लिए दे दी खुद की कुर्बानी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 5 अगस्त, 2020 की शाम को मनजीत सिंह ने अमेरिका की किंग्स नदी में तीन बच्चों को डूबते देखा, बताया जा रहा है कि वह बच्चे रीडली बीच से किंग्स नदी में बह गए थे। नदी डूबते बच्चों की जान बचाने के लिए मनजीत ने अपनी जान की परवाह नहीं की और वह भी कूद गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार जिस दौरान बच्चे डूब रहे थे उसी समय मनजीत बहनोई के साथ नदी पर जेट स्की ड्राइव करने गए थे।

बच्चों को डूबते देखा तो लगा दी छलांग

बच्चों को डूबते देखा तो लगा दी छलांग

जब उन्होंने बच्चों को डूबते हुए देखा तो बिना कुछ सोचे फौरन पानी में छलांग लगा दी। मनजीत ने दो 8 वर्षीय बच्चियों और एक 10 वर्षीय लड़के को पानी से बाहर निकाला लेकिन इस दौरान वह खुद नदी के तेज बहाव और गहराई में समा गए। हालांकि इस दौरान आस-पास के लोग भी मदद के लिए आगे आए लेकिन मनजीत को नहीं बचाया जा सका। उस बहादुर भारतीय ने बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी कुर्बानी दे दी।

दो बच्चों की बची जान, एक की हालत गंभीर

दो बच्चों की बची जान, एक की हालत गंभीर

मनजीत ने जिन बच्चों को बाहर निकाला था उनमें से लड़का और एक लड़की सुरक्षित हैं लेकिन दूसरी लड़की 15 मिनट तक पानी में डूबी रही थी जिस वजह से उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। स्थानीय पुलिस कमांडर मार्क एडिगर बताते हैं कि मनजीत बिना सोचे समझे बच्चों की मदद के लिए नदी में कूद गए थे, पर दुर्भाग्य से वो खुद इसमें डूब गए और कभी वापस नहीं आए।

दो साल पहले आए थे अमेरिका

दो साल पहले आए थे अमेरिका

मार्क एडिगर ने बताया कि मनजीत सिंह बच्चों को नहीं जानते थे लेकिन जैसे ही उन्होंने तीनों बच्चों को डूबते देखा तो पानी में जंप कर दिया। मनजीत सिंह जैसे भारतीयों को हमारा सलाम है। बता दें कि 29 वर्षीय मनजीत सिंह 2 साल पहले अमेरिका काम के सिलसिले में आए थे। वह फ्रेस्नो के रहने वाले थे। जिस दिन यह हादसा हुआ, वह उनकी ट्रेनिंग का पहला दिन था। मनजीत सिंह ट्रक डाइविंग के काम के लिए अमेरिका गए थे।

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने किया सलाम

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने किया सलाम

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह ने फेसबुक पर मनजीत की बहादुरी को सलाम करते हुए उनके परिजनों के साथ दुख भी साझा किया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, गुरदासपुर के मनजीत सिंह के अटूट हौसले और जज्बे को सलाम करता हूं, जिसने बुधवार शाम कैलिफोर्निया में तीन बच्चों को डूबने से बचा लिया लेकिन अपनी जान कुर्बान कर दी। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के इस बहादुर पुत्र के हौसले के आगे सारी मानवता सीस झुकाती है, मनजीत के परिवार के प्रति मैं दुख साझा करता हूं।

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English summary
Manjeet Singh of Punjab dies while trying to save Children by drowning in America Kings River
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