Manipur: मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंची हिंसा की आंच, बीजेपी के ही कूकी विधायकों ने की हटाने की मांग
मणिपुर में बीजेपी के कूकी विधायकों ने ही सीएम को हटाने की मांग कर दी। चार ने तो प्राशसनिक पद से इस्तीफा दे दिया है।

पिछले महीने से ही मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार को एक्शन में आना पड़ा। जिसके बाद सेना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती हुई, तब जाकर हालात काबू में हुए, लेकिन अब वहां पर एक सियासी तूफान की आहट सुनाई दे रही, क्योंकि बीजेपी विधायकों ने ही सीएम बीरेन सिंह को हटाने की मांग कर डाली है।
दरअसल बीजेपी के कूकी विधायकों का आरोप है कि जब हिंसा हो रही थी, तो सीएम ने मैतेई समुदाय के लोगों पर सख्ती नहीं की। उनके खिलाफ कोई ठोस एक्शन भी नहीं लिया गया, क्योंकि सीएम खुद उसी समुदाय से आते हैं। ऐसे में कूकी विधायक उनको हटाने की मांग कर रहे।
कुछ बीजेपी पदाधिकारी भी विरोध में
गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर के दौरे पर हैं। उनके सामने बीजेपी विधायक सीएम को हटाने की मांग तो उठा ही रहे, साथ ही चार कूकी विधायकों ने प्रशासनिक पदों से इस्तीफा भी दे दिया। सीएम की मुश्किल इस वजह से भी बढ़ रही, क्योंकि विधायकों के साथ कुछ बीजेपी पदाधिकारी भी उनका विरोध कर रहे। इसमें राज्य सचिव पाओकाम हाओकिप का नाम शामिल है।
सरकार पर क्यों है संकट?
मणिपुर विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं। पिछले साल हुए चुनाव में बीजेपी ने कुल 32 सीटें हासिल की, जो पूर्ण बहुमत से एक ज्यादा है। ऐसे में अगर चारों नाराज विधायक पार्टी छोड़ते या फिर इस्तीफा देते हैं, तो सरकार अल्पमत में आ जाएगी। इसके बाद बीजेपी को दूसरे दलों से समर्थन लेना पड़ेगा।
सीबीआई को सौंपी गई जांच
वहीं दूसरी ओर अमित शाह जमीनी हालात की जानकारी ले रहे। उन्होंने मामले में सख्ती दिखाते हुए सीबीआई जांच के आदेश दे दिए। इस जांच की निगरानी एक आयोग द्वार करवाई जाएगी। जिसमें हाईकोर्ट के रिटायर जज शामिल होंगे।
क्यों हुई थी हिंसा?
पूरा मामला मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का है। राज्य में मैतेई बहुसंख्यक हैं। उनको अनुसूचित जनजाति का दर्ज देने से कुकी और नागा समुदाय के लोग नाराज हैं। इसी वजह से वहां के कई इलाकों में हिंसा हुई थी।












Click it and Unblock the Notifications