Manipur violence: कुकी समुदाय की महिलाओं ने अमित शाह के घर के बाहर किया प्रोटेस्ट, शांति बहाली की मांग

Manipur violence: मणिपुर में शांति बहाली की मांग को लेकर ककुी समुदाय की महिलाओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दिल्ली स्थित घर के बाहर शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया।

Manipur violence

Manipur violence: मणिपुर में जारी हिंसा अभी तक शांत नहीं हो सकी है। मणिपुर हिंसा की आंच अब दिल्ली तक पहुंच गई है। बुधवार 7 जून को कुकी समुदाय की महिलाएं दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह के घर के बाहर पहुंची और साइलेंट प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अपने हाथों में तख्तियां भी ले रखी थीं।

गृहमंत्री अमित शाह के घर के बाहर प्रदर्शन कर रही महिलाओं के हाथों में जो तख्तियां थीं उनपर'Please Save Kuki Live'(कुकियों का जीवन बचाओ) के साथ-साथ Article-356 Not Article-355 लिखा हुआ था। गृह मंत्री के घर के प्रदर्शन कर रही कुकी समुदाय के लोगों का कहना है कि हिंसा के बाद अमित शाह ने प्रदेश का दौरा किया था।

साथ ही, राज्य में शांति की बात कही थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अमित शाह ने कहा था कि राज्य में शांति लौटेगी, इसलिए हम उनसे मिलने के लिए आए हैं। इन प्रदर्शनकारियों में मणिपुर के कुकी, जोमी, हमारा और मिजो समुदाय के लोग शामिल है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गृहमंत्री प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए तैयार हो गए हैं। चार प्रदर्शनकारियों को ही गृह मंत्री के आवास के अंदर जाने दिया जाएगा, जहां वे अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा बाकी प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर भेज दिया गया है।

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    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शांति का भरोसा दिए जाने के बाद भी मणिपुर में उनके समुदाय के लोगों पर लगातार हमले हो रहे हैं। लोगों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है। केवल गृहमंत्री अमित शाह और प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ही मदद कर सकते हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, मणिपुर हिंसा में अब तक करीब 98 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 310 से अधिक लोग घायल हैं। इसके अलावा 37,450 लोग फिलहाल 272 राहत कैंपों में शरणार्थी हैं। बता दें कि छह जून की रात सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच गोलीबारी हो गई थी।

    यह गोलीबारी सुगनू इलाके में हुई है, जिसमें एक बीएसएफ जवान शहीद हो गया था। वहीं, असम राइफल्स के दो जवान घायल हो गए थे। इसके अलावा उपद्रवियों ने सेरोऊ इलाक में कई मकानों को जला दिया था।

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