उखरुल में BJP-NPP आमने सामने, कहा- मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ‘वन-मैन शो' थी
नई दिल्ली। मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व सभी राजनीकित दल एक-दूसरे पर लगातार बयानों के जरिये हमला कर रहे हैं। इसी क्रम में मणिपुर के तंगखुल नागा बहुल पहाड़ी जिला उखरूल मुख्यालय पर चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी का आमन-सामना हो गया। 2017 में पिछले विधानसभा चुनाव के बाद से गठबंधन में रहे दोनों दल अब आमने-सामने लड़ रहे हैं।

बीजेपी ने जहां राज्य की सभी 60 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, वहीं एनपीपी 38 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है। भाजपा की रैली में स्टार प्रचारक और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति देखी गई। अपने संबोधन में, गडकरी ने उन सड़क परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्हें भाजपा सरकार राज्य में लागू करने की योजना बना रही है।
इस बीच, एनपीपी की जनसभा का नेतृत्व कोनराड संगमा और मणिपुर के उपमुख्यमंत्री वाई जॉयकुमार सिंह ने किया। संगमा ने अपने संबोधन में एनपीपी को "पूर्वोत्तर में पैदा हुई" और "पूर्वोत्तर से बनी" पार्टी के रूप में परिभाषित किया।
इसके अलावा कहा कि "लोग विकल्प की तलाश में हैं। लोग महसूस कर रहे हैं कि कांग्रेस में कमजोरी है और बीजेपी में अंदरूनी कलह बहुत ज्यादा है, यही वजह है कि एक प्राकृतिक राजनीतिक शून्य पैदा हुआ है और यहीं से एनपीपी आती है। जिला मुख्यालय में एनपीपी की एक चुनावी सभा के दौरान मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह पर सीधा निशाना साधते हुए संगमा ने आरोप लगाया कि मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार 'वन-मैन शो' थी।
उन्होंने कहा, 'उपमुख्यमंत्री (एनपीपी नेता युमनाम जॉयकुमार सिंह) एक साल बिना किसी विभाग के बने रहे। गठबंधन सरकार विश्वास, परस्पर विचार-विमर्श और टीम वर्क से चलती है। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ।' बता दें कि मणिपुर में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होगा। पहला चरण 28 फरवरी को है, जबकि दूसरा चरण 5 मार्च को है।












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